नई दिल्ली। हिंदु धर्म में नवरात्रि के त्योहार का खास महत्व रखता है। नवरात्रि के 9 दिनों में मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा की जाती है। वैसे तो पूरे साल भर में 4 नवरात्रे आते हैं लेकिन इनमें से दो नवरात्रियों का ज्यादा महत्व होता है।
ये चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि हैं। चैत्र नवरात्रि मार्च-अप्रैल महीनें में आती हैं और शारदीय नवरात्रि सितंबर-अक्टूबर महीनें के बीच आती हैं। कहते हैं जो लोग नवरात्रि में मां की पूजा-अर्चना करते हैं उन्हें देवी दुर्गा की खास कृपा मिलती है। ऐसे में लोगों को देवी मां को प्रसन्न करने के लिए सच्चे मन से उनकी पूजा-अर्चना करनी चाहिए।
ये है कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ 9 दिन के लिए देवी मां का पूजा पाठ शुरू किया जाता है। नवरात्र में मां के नौ रुपों को पूजा जाता हैं। कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। इस साल चैत्र नवरात्री 2 अप्रैल 2022 को शुरू हो रही है ऐसे में इसी दिन कलश स्थापना की जाएगी। इस दिन कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 22 मिनट से सुबह 8 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। अगर आप इसी शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करते हैं तो आपको इससे शुभ परिणाम मिलते हैं।
क्या है इस बार माता की सवारी
इस बार मां दुर्गा घोड़े में सवार होकर विराजने वाली हैं। शास्त्रों में ऐसा पढऩे को मिलता है कि नवरात्रि का शुभारंभ अगर सोमवार और रविवार से हो रहा हो तो माता रानी हाथी पर सवार होकर विराजती हैं और अगर नवरात्रि की शुरुआत शनिवार और मंगलवार से हो तो मां दुर्गा का आगमन घोड़े पर सवार होता है। नवरात्रि का आरंभ जब बुधवार को होती है तो मां दुर्गा का वाहन नाव होता है। अगर नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार और शुक्रवार को होती है तो मां दुर्गा डोली पर सवार होकर आती हैं। इस बार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत शनिवार से हो रही है तो मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आने वाली हैं।

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