गरियाबंद। एक तरफ कोरोना वायरस की माहमारी से जंग तो दूसरी ओर बीहड़ जंगलों में रहने वाले और बहुत से सुदुर इलाकों में लोगों तक राष्ट्रीय कार्यक्रमों का क्रियान्वयन और स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए पूरे जिले का स्वास्थ्य अमला मुस्तैदी से काम कर रहा है। विगत दिनों मैनपुर विकसखण्ड अंतर्गत कुल्हाड़ीघाट के पहाड़ स्थित दुर्गम ग्राम ताराझर कुरूवा पानी में स्वास्थ्य टीम पहुंच कर लोगो को स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर गर्भवती माता और बच्चों को टीकाकरण किया गया था। इसी तरह से गरियाबंद विकासखण्ड के सुदुर 40 किलोमीटर दूर के लीटीपारा उप स्वास्थ्य केन्द्र के आश्रित ग्राम उंडापारा में बरसते पानी में पथरीले बहते नाले को पार कर 5 किलोमीटर पैदल चलकर स्वाथ्य विभाग की टीम ने गांव के हितग्राहियों केा शिशु संरक्षण माह के तहत दी जाने वाली सुविधाएं उपलब्घ कराई। उंडापरा के आंगनबाड़ी केन्द्रों में शिशु संरक्षण माह आयोजित कर गर्भवती माता और छोटे बच्चों को टीकाकरण किया गया साथ ही 9 माह से 5 वर्ष तक के 29 बच्चों को विटामिन सिरप पिलाया गया और 6 माह से 5 वर्ष तक के 32 बच्चों को आयरन सिरप पिलाया गया। स्वास्थ्य टीम में शामिल ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक भीम सिंह मरकाम, ओंकेश्वरी कंवर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता फुलेश्वरी तथा मितानिन बिसाहिन बाई के सहयोग से 43 घर और 232 की जनसंख्या वाले विशेष पिछड़ी जनजाति कमार बहुल इस छोटे से गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर सर्दी, बुखार और अन्य मौसमी बीमारी से पीडि़त मरीजों का नि: शुल्क दवा देकर उपचार भी किया गया। लोगो को कोरोना बीमारी के संबंध में जागरूक करते हुए मास्क पहनने, हाथों को साबुन, पानी से कम से कम 20 सेकंड तक धोने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का सलाह दिया गया। गहन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा के तहत दस्त उपचार हेतु ओ. आर. एस. घोल बनाने की जानकारी दी गई।
बरसते पानी में पथरीले बहते नाले को पार कर 5 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंची स्वाथ्य विभाग की टीम, किया स्वास्थ्य परीक्षण
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