
रायपुर। जैसा कि आप सभी को पता होगा कि बीते कुछ दिनों पहले यहां आयकर विभाग के अधिकारियों ने छत्त्तीसगढ़ राज्य में ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई और सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। इसी कड़ी में राज्य के कोयला कारोबारी व कांग्रेस नेता सूर्यकांत तिवारी के बयान ने सियासी भूचाल मचा दिया है। तिवारी ने बकायदा अपने बयान का वीडियो जारी किया है जिसमें उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाये है। इस बयान ने सत्ता और विपक्ष दोनों में खलबली मचा दी है। उनके जारी वीडियो में बताया गया है कि आयकर विभाग के अधिकारी मारपीट करते है, दुर्व्यवहार करते है, धमकी देते है और यहां तक कि भारी बहुमत वाली सरकार को गिरा देने और सीधा सीएम पद देने का आफर भी देते है। जारी वीडियो में कही गई बातों में कितनी सच्चाई है यह तो वे ही जाने, लेकिन इस बयान ने राज्य में सियासी बवाल तो जरूर मचा दिया है। जारी बयान में सूर्यकांत ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ का एकनाथ शिंदे बनाने के लिए आयकर अफसरों ने साम-दाम दंड भेद अपनाया। मुझे छत्तीसगढ़ का एकनाथ शिंदे बनाने दबाव डाला गया। मुख्यमंत्री बनने तक का ऑफर दिया गया। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन की साजिश रची जा रही है और इसके लिए आईटी विभाग का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि मैं एक कारोबारी हूं। अपराधी नहीं हूं। आयकर विभाग की टीम जब 30 जून को मेरे ठिकाने पर छापे के लिए आई तो अफसरों ने मुझे पीटा। मुझे आयकर के अफसरों ने गलत बयान देने के लिए दबाव बनाया, लेकिन मैंने गलत बयान नहीं दिया। सूर्यकांत तिवारी ने कहा कि मेरे सभी राजनेताओं से अच्छे संबंध हैं। वर्तमान सरकार और पहले की सरकार में भी मेरे संबंध रहे हैं। सीएम की उप सचिव सौम्या चौरसिया से मेरे पारिवारिक संबंध हैं। उनके घर के सभी लोग मुझे जानते पहचानते हैं। आयकर विभाग के अफसरों ने छापा मारकर 3 दिनों तक मुझे सोने नहीं दिया। मेंटली टॉर्चर किया गया। मैं कानूनी रूप से अपनी लड़ाई लड़ूंगा। उन्होंने दावा किया कि सत्ता परिवर्तन के लिए मुझे मोहरा बनाया गया। सूर्यकांत तिवारी ने पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए। किसी के यहां आईटी का छापा पड़ जाए तो वह अपराधी नहीं हो जाता है। रमन सिंह मुझे गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। मैं जेल जाने को तैयार हूं, लेकिन मैं जेल के जिस सेल में रहूंगा बगल की सेल में रमन सिंह को भी रहना होगा। सूर्यकांत तिवारी ने कहा कि अगर मुझे और मेरे परिवार को कुछ होता है तो इसके जिम्मेदार आयकर विभाग के लोग और भाजपा होगी। आपको बता दें कि आयकर विभाग ने 30 जून को कोयला-परिवहन और इससे जुड़े व्यवसाय वाले कारोबारियों व सीएमओ दफ्तर में पदस्थ उपसचिव के घर आईटी ने दबिश दी है। आईटी की टीम ने रायपुर, भिलाई, रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर, सूरजपुर जिले में 30 से अधिक घर और दफ्तरों में सर्च अभियान चलाया था। आईटी ने रायपुर में सूर्यकांत तिवारी, कोयला व्यवसायी हेमंत जायसवाल, लक्ष्मीकांत तिवारी, ठेकेदार अजय नायडू, ट्रांसपोर्टर रिंटू सिंह, उप सचिव सौम्या चौरसिया सहित इनके कई रिश्तेदारों के यहां छापा मारा था। आयकर विभाग को 200 करोड़ की संपत्तियां, 9.50 करोड़ कैश व 5 करोड़ की गोल्ड व ज्वेलरी मिली है। इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ में भाजपा व कांग्रेस के नेता एक-दूसरे पर पलटवार कर रहे हैं। भाजपा ने प्रेस कांफ्रेंस कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इस्तीफा भी मांगा था।



















