उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक लगातार स्वास्थ्य विभाग को बेहतर बनाने के लिए औचक निरीक्षण कर रहे हैं. साथ ही साथ स्वास्थ विभाग के आला अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य व्यवस्था कैसे बेहतर बन सके इसको लेकर समीक्षा बैठक भी कर रहे हैं, लेकिन इन सबके बावजूद भी वीवीआइपी जनपदों में शुमार सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बड़ी लापरवाही की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी मरीजों व उनके तीमारदारों पर भारी पड़ती हुई दिखाई दे रही है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसूताओं को बेड तक मुहैया नहीं करवाया जाता बल्कि उनको फर्स पर ही लिटाया जा रहा है. यही नहीं कवरेज करने वाले पत्रकारों के साथ स्टाफ द्वारा न सिर्फ अभद्रता की जाती है बल्कि उनका मोबाइल फोन तक छीनने का प्रयास किया जा रहा है ताकि सीएचसी परिसर में हो रही कारगुजारी की खबरें बाहर न जा सके.
रायबरेली जिले के लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बड़ी लापरवाही देखने को मिली है. अस्पताल परिसर में डॉक्टर तो नदारत रहे वहीं उनका स्टॉफ आराम फरमाता दिखा. यहीं नही प्रसूताओं को वार्डो में बेड तक मुहैया नही करवाया जाता बल्कि उनको फर्स पर ही लेटने की अनुमति दी जाती है. यही नहीं अस्पताल प्रशासन से तीमारदारों द्वारा ज्यादा सवाल जवाब करने वाले मरीज़ो को सीधे इलाज न करके रेफर कर दिया जाता है.
आपको बता दें कि अस्पताल प्रशासन द्वारा की जा रही बड़ी लापरवाही की कवरेज करने गए पत्रकारों से स्टॉफ गुंडई पर उतारू हो जाता है. न सिर्फ पत्रकारों से अभद्रता करता है बल्कि अस्पताल में मरीजों के साथ बरती जा रही लापरवाही को मोबाइल में कैद कर रहे पत्रकारों के मोबाइल तक छीनने का काम किया जाता है, कही न कही अस्पताल का स्टॉफ पूरी तरह से गुंडई पर उतारू रहता है.
इस पूरे मामले में रायबरेली के सीएमओ डॉ वीरेंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला गंभीर लग रहा है. इसके लिए जांच टीम गठित कर इसकी जांच करवाई जाएगी. यही नहीं उन्होंने कहा कि जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि डॉक्टर की तैनाती 24 घण्टे सीएचसी में रहती है किन कारणों से डॉक्टर लापता रहे हैं इस बिंदु पर भी जांच करवाई जाएगी.



















