छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के पेंशनरों के लिये 5 प्रतिशत महंगाई राहत देने के आदेश पर छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर फेडरेशन से जुड़े भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश, पेंशनधारी कल्याण संघ, प्रगतिशील पेन्शनर कल्याण संघ, पेन्शनर एसोसिएशन तथा पेन्शनर समाज ने नाराजगी जताते हुए असंतोष व्यक्त किया है और 18 अगस्त गुरुवार को दोपहर बाद सभी जिलों में विरोध जताकर सरकार तक सन्देश पहुँचाने आदेश की प्रतियां जलाने का निर्णय लिया है। उक्त जानकारी जारी विज्ञप्ति में पेंशनर फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने दी है। जारी विज्ञप्ति में छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने छत्तीसगढ़ राज्य में भूपेश बघेल सरकार पर आरोप लगाया है कि वह पेंशनर्स को लंबित मंहगाई राहत देने के मामले में घोर अन्याय कर रही हैं मध्यप्रदेश सरकार के 11 प्रतिशत के प्रस्ताव पर कटौती कर 5 प्रतिशत महंगाई राहत मई 22 से बढ़ाने का प्रस्ताव देकर छत्तीसगढ़ सरकार स्वयं आदेश जारी करना भूल गई क्योकि पेंशनर फेडरेशन के 25 जुलाई को सामुहिक हनुमान चालीसा पाठ के बाद मध्यप्रदेश शासन को छत्तीसगढ़ शासन से 26 जुलाई 22 को प्रस्ताव प्राप्त होने पर उन्होंने 5 प्रतिशत महंगाई राहत देने के आदेश 2 अगस्त 22 को जारी कर दिया जो वहां के पेंशनरों के खाते में एरियर सहित 10 अगस्त 22 तक जमा हो चुका है लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार अपने राज्य के पेंशनरों के स्वयं दिये सहमति के आधार पर मध्यप्रदेश के सामान 5 प्रतिशत के महँगाई राहत के आदेश जारी करना भूल गई और अब आज काफी विलम्ब से एरियर की राशि हजम कर 5 प्रतिशत महंगाई राहत बढ़ाने के आदेश जारी करने के बाद अब राज्य के पेंशनर्स 6 प्रतिशत राज्य कर्मचारियों से और केंद्रीय कर्मचारियों से 12 प्रतिशत पीछे हो गया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन को तुरन्त केन्द्र के बराबर 34 प्रतिशत महंगाई राहत के आदेश एरियर सहित देने के जारी करने की मांग की है। जारी विज्ञप्ति में आगे बताया गया है कि मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) के तहत जब तक दोनों राज्य सरकारें सहमत नहीं हो तब तक दोनों राज्य अपने राज्य के पेंशनर्स को महंगाई राहत किस्तें नहीं दे सकते इसी अधिनियम के बहाने सहमति-असहमति का खेल खेलकर दोनों राज्यों में पेंशनर्स को परेशान किया जा रहा है। जबकि केन्द्र सरकार ने नवंबर 17 में एक अन्य आदेश द्वारा सहमति की प्रक्रिया को समाप्त कर दिया है, परन्तु राज्य शासन ने इसे नजर अंदाज कर सहमति की प्रक्रिया को अपनाए हुए हैं। इसे धारा 49 को समाप्त करने को लेकर दोनों राज्य के पेन्शनर संगठन आंदोलनरत है। जारी विज्ञप्ति में छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेन्शनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव तथा फेडरेशन से जुड़े प्रगतिशील पेन्शनर कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष आरपी शर्मा, पेन्शनर कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डीपी मनहर, पेन्शनर एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष यशवन्त देवान, भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के अध्यक्ष जयप्रकाश मिश्रा एवं पेन्शनर समाज के अध्यक्ष ओ पी भट्ट के साथ विभिन्न पेन्शनर संघो के नेता क्रमश: द्रोपदी यादव,लोचन पांडे, अनिल पाठक, ए के गोल्हानी, सीएल चन्द्रवंशी, श्यामलाल चौधरी, एमएन पाठक, एसके चिलमवार, नागेन्द्र सिंह, आर जी बोहरे, आदि ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ सरकार जानबूझकर वित्तीय संकट के बहाने बनाकर लगातार पेंशनरो जुलाई 19 से महंगाई राहत में कटौती करते आ रही है और अब वह समय आ गया है कि बुजुर्गों के रोके गए समस्त रकम को बिना कटौती भुगतान करने का आदेश जारी करे।

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