पेंशनर्स महासंघ ने आभार जताया
रायपुर। गृहमंत्री अमित शाह के शनिवार को रायपुर आगमन पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने उन्हें पत्र देकर मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ राज्य के पेंशनरों के आर्थिक स्वत्वों के भुगतान में बाधक बनी मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 (6) को विलोपित करने का आग्रह किया। डॉ रमन सिंह ने अपने पत्र में अवगत कराया है कि मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा49(6)के अनुसार मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के पेंशनर्स के पेंशनरों के स्वत्वों का 74 प्रतिशत 26 प्रतिशत व्यय वहन करना है जिसमें 26 प्रतिशत की हिस्सेदारी की जमीदारी छत्तीसगढ़ शासन का है। जिसके लिए दोनों राज्यों में परस्पर सहमति आवश्यक है। जबकि धारा 49(6) में ऐसा कहीं भी उल्लेख नहीं है। उन्होंने आगे बताया है कि भारत सरकार द्वारा दोनों राज्यों के मुख्यसचिव को प्रेषित पत्र दिनांक 13/11/17 के अनुसार पेंशन दायित्व के लिए उत्तरवर्ती राज्यों की पारस्परिक सहमति की आवश्यकता नहीं है फिर भी धारा 49(6) के आधार पर सहमति के बहाने दोनों राज्यों के द्वारा पेंशनर्स की राशि रोक रखा गया है। छत्तीसगढ़ राज्य ने मध्यप्रदेश के प्रस्ताव पर छत्तीसगढ़ राज्य ने 11 प्रतिशत के स्थान पर 5 प्रतिशत की महंगाई राहत की सहमति दी है।इसप्रकार दोनों राज्यों के बुजुर्ग पेंशनर प्रताडि़त हो रहे हैं। उन्होंने निवेदन किया है कि भारत सरकार के पत्र दिनाँक 13/11/2017 के अनुसार कार्यवाही की जाये तथा धारा 49 (6) को विलोपित किया जावे। अत: भारत सरकार के निर्देश के परिपालन के संदर्भ में अधिनियम की धारा 49 (6) को विलोपित करने हेतु सन्दर्भित को निर्देशित किये जाने का आग्रह किया है। डॉ रमन सिंह द्वारा पेंशनरों के हित में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पत्राचार करने पर भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री वीरेन्द्र नामदेव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष द्रोपदी यादव, प्रदेश अध्यक्ष जे पी मिश्रा, प्रदेश महामंत्री लोचन पांडेय, अनिल गोल्हानी, जिला प्रमुख आर जी बोहरे, एस के चिलमवार आदि ने आभार जताया है।



















