भारत के विदेश मामलों के बड़े-बड़े एक्सपर्ट और रक्षा विशेषज्ञ अक्सर अमेरिका पर भरोसे को लेकर चिंता व्यक्त करते रहते हैं। उनका मानना है कि भारत को कभी आंख मूंदकर अमेरिका पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उनकी इस चिंता को अमेरिका ने पाकिस्तान को हथियारों के लिए विशालकाय पैकेज की घोषणा कर सही साबित कर दिया है। यानि, जिस अमेरिकी डॉलर्स पर पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद को पालता पोषता रहा, उस अमेरिका ने एक बार फिर पाकिस्तान को मेगा पैकेज देने का ऐलान किया है।
सबसे हैरानी की बात ये है कि मोदी सरकार ने अमेरिका के इस फैसले को लेकर अभी तक चुप्पी साध रखी है। अमेरिका द्वारा भारत के साथ खेले जा रहे डबल गेम से एक्सपर्ट और रक्षा विशेषज्ञ है। दरअसलस अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को सुरक्षा मजबूत करने के लिए दी गई वित्तीय सहायता को भारत के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अमेरिका की बाइडेन सरकार ने पाकिस्तान को एफ-16 फाइटर जेट के रखरखाव के लिए 45 करोड़ डॉलर की सहायता राशि मंजूर की है। साल 2018 के बाद से अमेरिका की ओर से पाकिस्तान को दी गई, यह एक बड़ी आर्थिक मदद है।
साल 2018 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सुरक्षा सहायता पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि पाकिस्तान आतंकवाद से अमेरिका की लड़ाई में कुछ सहायता नहीं कर रहा है लेकिन अब बाइडेन प्रशासन ने पाकिस्तान के लिए अपना खजाना खोल दिया है, वो भी तब, जब पाकिस्तान चीन से अपने संबंधों को आगे बढ़ा रहा है। हालांकि, अमेरिका ने पाकिस्तान को दी गई सुरक्षा सहायता राशि को लेकर भारत को सफाई भी दी है कि इससे क्षेत्र में सैन्य संतुलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अमेरिका का कहना है कि इस आर्थिक सहायता से पाकिस्तान रक्षा क्षेत्र में अपनी मौजूदा समय की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता बनाए रखेगा।
वहीं सहायता को लेकर भारत में हो रही आलोचना पर अमेरिका ने कहा कि पाकिस्तान और भारत के साथ अलग-अलग संबंध हैं। ये कुछ ऐसा नहीं है कि एक से अगर संबंध रहेगा तो दूसरे से नहीं। अमेरिका के दोनों देशों के साथ संबंध स्थापित हैं। इंडिया टुडे से बातचीत करते हुए यूएस के एक अधिकारी डोनाल्ड लु ने बताया कि पाकिस्तान को सुरक्षा सहायता को लेकर हम भारत की ओर कई चिंताओं को सुन रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान को की गई इस मदद में किसी भी तरह का नया एयरक्राफ्ट या कोई नया हथियार नहीं शामिल है।


















