नई दिल्ली। 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद आज सोमवार, 8 जून को पहली बार दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में INDI गठबंधन की बैठक हुई। इस बैठक में 25 पार्टियां शामिल हुईं और सभी ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
सोमवार को दिल्ली में हुई इंडिया ब्लॉक की बैठक में निर्णय लिया गया कि विपक्षी दल अब और मजबूती से लड़ाई लड़ेंगे और जनता के मुद्दों को लगातार उठाएंगे। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि गठबंधन पांच बड़े मुद्दों पर एकमत हुआ है और आने वाले समय में सरकार को संसद से लेकर सड़क तक घेरने की तैयारी की जाएगी। खरगे ने साफ कहा कि हम लड़ेंगे और आगे बढ़ेंगे। बैठक में करीब 25 विपक्षी दलों ने हिस्सा लिया।
खरगे ने नीट पेपर लीक मामले को युवाओं के भविष्य के साथ धोखा बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियां लाखों छात्रों की मेहनत और उम्मीदों को बर्बाद कर रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर इंडिया ब्लॉक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि गठबंधन मॉनसून सत्र में भी इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगा और छात्रों के साथ न्याय की मांग करेगा।
बैठक के बाद किए गए ये पांच बड़े एलान
– महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक स्थिति के मुद्दे को देशभर में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।
– नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा जाएगा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी रहेगी।
– विपक्षी गठबंधन मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर एसआईआर प्रक्रिया और मतदान अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाएगा।
– इंडिया ब्लॉक की बैठक अब हर दो महीने में होगी। अगली बैठक आठ अगस्त को हैदराबाद में आयोजित की जाएगी।
– संसद के मॉनसून सत्र में सभी विपक्षी दल मिलकर भाजपा सरकार के खिलाफ साझा रणनीति के तहत मुद्दे उठाएंगे।
सोमवार को दिल्ली में हुई इंडिया ब्लॉक की बैठक में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और राहुल गांधी के बीच काफी गर्मजोशी नजर आई। दोनों नेता नजदीक ही बैठे थे। बैठक के बाद कहा जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच अगले साल होने वाले यूपी चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। अखिलेश यादव पहले भी यूपी में कांग्रेस के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने का संकेत दे चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने बैठक के बाद मुलाकात की और आगे की तैयारियों पर चर्चा की। यूपी चुनाव में अब कुछ ही महीने का समय बचा है ऐसे में सीटों के बंटवारे को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस के मिलकर लड़ने से भाजपा को यूपी में तगड़ा झटका लगा था और केंद्र में तीसरी बार पूर्ण बहुमत से भाजपा का सरकार बनाने का सपना पूरा नहीं हो सका था। ऐसे में यूपी में इंडिया गठबंधन को भाजपा के लिए कड़ी चुनौती माना जा रहा है। सपा-कांग्रेस की कोशिश रहेगी कि यूपी में भाजपा को तीसरी बार सत्ता में आने से रोका जा सके।
आम आदमी पार्टी बैठक में शामिल नहीं
शिवसेना (उबाठा) के उद्धव ठाकरे इस बैठक में डिजिटल माध्यम से जुड़े हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा था कि 23 राजनीतिक दलों ने ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की बैठक में भागीदारी की पुष्टि की है । रमेश ने कहा था कि कुछ राजनीतिक दलों ने अपने-अपने कारणों से इस विशेष बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और आम आदमी पार्टी (आप) बैठक में शामिल नहीं हैं।
भाजपा के बढ़ते प्रभाव से टेंशन में विपक्ष
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हालिया हार ने भी विपक्षी गठबंधन को देश में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए एकजुट होने को मजबूर किया है। इससे पहले, इंडिया गठबंधन की आधिकारिक बैठक जून, 2024 में हुई थी।



















