हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार रावण जैसा ज्ञानी व शिवभक्त आज तक नहीं हुआ है। रावण ने ही शिव तांडव स्तोत्र को लिखा था, जो भगवान शिव को सबसे प्रिय है। वह एक राक्षस के साथ-साथ एक महान पंडित भी था। रावण संहिता में रावण ने तंत्र मंत्र के बारे में लिखा गया है। रावण के बनाए ऐसे कई मंत्र है जिनका रोजाना जाप करने से व्यक्ति का भाग्य चमक सकता है। आइए जानते हैं रावण के उन मंत्रों के बारे में।
धन संबंधित समस्या से होगा छुटकारा
‘ ऊँ यक्षाय कुबेराय वैश्रवाणाय, धन धन्याधिपतये धन धान्य समृद्धि मे देहि दापय स्वाहा॥’
धन संबंधी परेशानी से जूझ रहे व्यक्ति को इस मंत्र का जाप रोजाना 108 बार करना चाहिए। ऐसा करने से धन संबंधित समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
पारिवारिक कलह से पाएंगे निजात
‘लां लां लां लंकाधिपतये लीं लीं लीं लंकेशं लूंलूंलूं लोह जिव्हां, शीघ्रं आगच्छ आगच्छ चद्रंहास खडेन मम शश्रुन विरदारय विदारय मारय मारय काटय काटय हूं फट स्वाहा’।
पारिवारिक कलह से परेशान हैं तो रावण के इस मंत्र का जाप करें। इस मंत्र का जाप रोजाना नियमित रूप से 108 बार करना चाहिए। इस मंत्र को खुद रावण ने लिखा था।
आर्थिक तंगी से मिलेगी मुक्ति
‘ऊँ क्लीं ह्रीं ऐं ओं श्रीं महा यक्षिण्ये सर्वैश्वर्यप्रदात्र्यै नम:॥
इमिमन्त्रस्य च जप सहस्त्रस्य च सम्मितम्।
कुर्यात् बिल्वसमारुढो मासमात्रमतन्द्रित:॥’
आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं तो इस मंत्र का जाप करें। इस मंत्र का जाप एक महीने तक हर रोज एक हजार बार करना चाहिए और जब पूरा हो जाए तो कुंवारी कन्या व ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
होगी हर मनोकामना पूरी
ऊँ सरस्वती ईश्वरी भगवती माता क्रां क्लीं, श्रीं श्रीं मम धनं देहि फट् स्वाहा।’ रावण द्वारा रचित यह मंत्र बेहद खास है। इस मंत्र का आप सवा महीने तक एक ही स्थान पर, एक ही समय पर हर रोज करें। ऐसा करने से हर मनोकामना पूरी होगी।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। छत्तीसगढ़ राज्य न्यूज पोर्टल लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

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