What's Hot

ऋषि सुनक के ब्रिटेन के पीएम बनने के ऐलान के बाद से ही दुनिया भर में लोग उनके बारे में जानने को उत्सुक हैं। वह एशियाई मूल के ऐसे पहले शख्स होंगे, जो ब्रिटेन की सत्ता संभालेंगे। ऐसे में ऋषि सुनक को लेकर हर किसी के मन में उत्सुकता है और लोग उनकी फैमिली लाइफ से लेकर उनके बीते दौर तक के बारे में जानना चाहते हैं। हालांकि यह बात कम ही लोगों को मालूम है कि ऋषि सुनक के परिवार का जीवन संघर्ष से भरा रहा है और यहां तक कि उनकी नानी को शादी के जेवर बेचकर अकेले ही ब्रिटेन जाना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने वहां कुछ वक्त नौकरी की तो पैसे कमाने के बाद फैमिली के दूसरे सदस्यों को भी बुला लिया। इस तरह ऋषि सुनक अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी हैं, जो ब्रिटेन में है। गर्व से खुद को हिंदू कहने वाले ऋषि सुनक की नाना और नानी भी पंजाब मूल के ही थे। 1960 के दशक में यह परिवार तंजानिया पहुंचा था, लेकिन वहां गुजारा हो पाना आसान नहीं था। इस बीच ऋषि सुनक की नानी सरक्षा ने अपनी शादी के जेवर बेचकर ब्रिटेन जाने का एक टिकट लिया था। मजबूरी का वह दौर ऐसा था कि जेवर बेचने के बाद भी अकेले ही ब्रिटेन जा सकीं और ऋषि सुनक की मां ऊषा समेत उनके तीन बच्चे और पति तंजानिया में ही रह गए। ब्रिटेन आने पर सरक्षा को लिसेस्टर में एक बुक कीपर के तौर पर काम मिल गया था। एक साल के अंदर उन्होंने इतने पैसे बचा लिए थे कि तंजानिया से परिवार को वापस बुला सकें। इस तरह ऋषि सुनक की मां का परिवार ब्रिटेन आया था। वहीं कुछ ऐसा ही संघर्ष उनके पिता की फैमिली का भी था, जो अविभाजित भारत के गुजरांवाला से नैरोबी पहुंचा था और फिर रोजगार की तलाश में ब्रिटेन आ गया था। लेकिन ऋषि सुनक के परिवार ने पढ़ाई पर बहुत ध्यान दी और शिक्षा की अलख से जीवन बदल गया। 1977 में ऋषि सुनक की मां ऊषा और पति यशवीर की शादी हुई थी। परिवार की सबसे बड़ी संतान ऋषि ही थे। उनके बाद छोटे भाई संजय सुनक हैं, जो पेशे से मनो चिकित्सक हैं। इसके अलावा छोटी बहन राखी संयुक्त राष्ट्र में काम कर करती हैं। पूरे परिवार की जिंदगी में यह बड़ा बदलाव शिक्षा की वजह से आया, जिस पर सुनक फैमिली ने हमेशा ध्यान दिया।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031