गुजरात में मोरबी पुल हादसे के दौरान एक शख्स ने अपनी बहादुरी के दम पर करीब 60 लोगों की जिंदगियां बचाईं। यह युवक खुद उस हादसे के पीडि़तों में से एक है जिसमें 135 लोगों की जान चली गई। दूसरों को बचाने लिए अपने जीवन को खतरे में डालने वाले इस युवा का नाम नईम शेख है। नईम को तैरना आता है। उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर 50-60 लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकाला। नईम शेख पुल गिरने की घटना में खुद भी घायल हो गए। वह फिलहाल मोरबी के सिविल हॉस्पिटल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। नईम ने बताया कि हादसे के वक्त वह अपने 5 दोस्तों के साथ पुल पर ही मौजूद था। इस घटना में उसके एक दोस्त की भी मौत हो गई। उन्होंने कहा, ‘मुझे तैरना आता है। मैंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर करीब 50-60 लोगों को नदी से बाहर निकाला। यह हृदय विदारक घटना थी। जब मैं लोगों को सुरक्षित स्थान पर ला रहा था, उसी दौरान मुझे चोट लग गई। इसके बावजूद हमने कोशिश जारी रखी।’
‘मैं करीब एक घंटे तक पानी में रहा’
हादसे में सुरक्षित बचे एक शख्स ने बताया कि घटना के समय पुल पर 500 लोग रहे होंगे। उन्होंने कहा, ‘पुल अचानक ही टूट गया और हम सब पानी में गिर गए। मैं पानी करीब एक घंटे तक रहा, जिसके बाद ही बाहर निकल पाया। मैं जिंदा बच गया, इसकी तो खुशी है लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत से बहुत ही दुखी हूं। यह हादसा भुलाया नहीं जा सकता है।’
पूरे राज्य में शोक की घोषणा
गुजरात सरकार ने मोरबी पुल हादसे के पीडि़तों को श्रद्धांजलि देने के लिए 2 नवंबर को राज्यव्यापी शोक की घोषणा की है। यह फैसला त्रासदी के बाद की स्थिति की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई हुई बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ट्वीट किया, ‘गुजरात सरकार ने 2 नवंबर को राज्यव्यापी शोक मनाने का फैसला किया है। राज्य में (राष्ट्रीय) ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई आधिकारिक समारोह नहीं होगा।’

Advertisement Carousel
Share.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031