छत्तीसगढ़ राज्य के सह निर्माता, पूर्व केन्द्रीय मंत्री, बेदाग छवि के नेता एवं त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस को जन्मदिन की हार्दिक बधाई…
(चंद्रभूषण वर्मा)
रायपुर । त्याग तपस्या और बलिदान की पहचान छत्तीसगढ़ राज्य के सह-निर्माता, पूर्व केन्द्रीय मंत्री, बेदाग छवि के नेता एवं त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस का जन्मदिन आज 2 अगस्त को छत्तीसगढ़ के साथ-साथ त्रिपुरा में भी मनाया गया। देश एवं प्रदेश की राजनीति में श्री बैस का काफी लंबा अनुभव रहा है। पार्षद से राजीतिक जीवन की शुरुआत से लेकर वर्तमान समय तक उनके राजनीतिक जीवन में उपलब्धियों के साथ-साथ काफी उतार-चढ़ाव का दौर भी रहा। श्री बैस के जन्मदिन के मौके पर उनके सांसद रहते हुए उनसे साक्षात्कार लिया गया था, पेश है उसकी एक झलक…।

पार्षद से राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले पूर्व सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री रमेश बैस से जब हमने उनके पार्षद कार्यकाल से वर्तमान समय तक की उपलब्धियों, राजनीति में उतार-चढ़ाव और अनुभव को साझा करने कहा तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि आपका ईमानदार प्रयास ही आपको आगे बढ़ाता रहेगा। उन्होंने गीता का उदाहरण देते हुए कहा कि यह जीवन कर्म प्रधान है। अपना कर्म ईमानदारी से करो और फल आपको उपर वाला देगा। मैंने अपने जीवन में बगैर कोई स्वार्थ के सिर्फ कर्म किया है, जिसका नतीजा आपके सामने है।

श्री बैस अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताते है कि जनसंघ के समय से भाजपा से जुड़े हुए हैं। इमरजेंसी के समय 1978-83 में रायपुर से पार्षद बने और यहीं से राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई। छत्तीसगढ़ राज्य के सह-निर्माता और 7 बार के लोकप्रिय सांसद रमेश बैस प्रदेश के साथ देश के लिए नवरत्न साबित हुए हैं। 37 साल की उनकी राजनीतिक कैरियर में उन पर कोई भी दाग नहीं है। वे त्याग, तपस्या, बलिदान और मेहनत से भारतीय राजनीति का उदयीमान सितारा बने हुए हैं। आज के समय जहां राजनीति हाई प्रोफाइल हो गई है, तो वहीं रमेश बैस की मिलनसार छवि आज के राजनीतिज्ञों के लिए आदर्श है।


















