छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा के ग्राम चावड़ी में कार में लगी आग के बाद से रहस्यमय तरीके से लापता परिवार 13 दिनों बाद घर लौट आया है। मंगलवार को इस पूरे मामले का खुलासा करते एसपी शलभ कुमार सिन्हा ने बताया कि लापता कारोबारी कर्ज से परेशान होने के बाद परिवार की मौत की झूठी कहानी रची थी। कारोबारी के ऊपर करीब 35 लाख रुपये का कर्ज था, इससे वो परेशान था। इसलिए उसने पत्नी के साथ मिलकर यह पूरी साजिश रची। एसपी सिन्हा ने बताया कि समीरन सिकरवार पर करीब 35 लाख रुपये का कर्ज था। लगातार उसके बाद पैसे देने वालों का फोन आ रहा था। जिससे वह काफी परेशान था। फिर समीरन और उसकी पत्नी ने खुद की मौत की झूठी कहानी रची, ताकि लाइफ इंश्योरेंस के पैसे उन्हें मिल सकें। उनके पास 75 लाख की लाइफ इंश्योरेंस पालिसी थी। उन्होंने बताया कि प्लानिंग के अनुसार समीरन सिकदार रायपुर से पखांजूर घर लौट रहा था। तभी ग्राम चावड़ी में उन्होंने अपनी कार को आग लगा दी। फिर जंगल के रास्ते चारामा से धमतरी पहुंचा था। इसके बाद पूरा परिवार धमतरी से प्रयागराज चला गया था। एसपी ने बताया कि लापता परिवार की तलाश के लिए लगातार कांकेर, धमतरी से लेकर रायपुर तक लगातार छानबीन में जुटी रही। पतासाजी के लिए 9 लाख से ज्यादा मोबाइल नंबर खंगाले गए। 300 से ज्यादा होटलों की चेकिंग की गई और करीब 1 हजार सीसीटीवी खंगाले गए।
35 लाख रुपये के कर्ज से था परेशान, इसलिए पत्नी के साथ मिलकर रची यह साजिश
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