देशभर में इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है। गांव-गली मोहल्ले में शहनाइयों की गूंज सुनाई दे रही है। लेकिन दूसरी ओर कई राज्यों में इन दिनों कॉलेजों की परीक्षाएं चल रही है, जिसके चलते शादियों के तुरंत बाद दुल्हन या दूल्हे को परीक्षा देने जाना पड़ जाता है। ऐसा ही एक मामला झारखंड के कोडरमा से सामने आया है, जहां दुल्हन शादी की रस्मों को छोड़कर परीक्षा देने पहुंची थी। दरअसल, कोडरमा के झुमरी तिलैया के अड्डीबंगला इलाके की रहने वाली तुषारिका की शादी गया (बिहार) के सुभ्रांशु सोनल के साथ तय हुई थी। 22 जून को बारात झुमरीतिलैया पहुंची। रातभर शादी की सभी रस्में शिव वाटिका में हुईं। 23 जून को तुषारिका की विदाई होनी थी। विदाई के दिन ही तुषारिका की एम.कॉम फाइनल ईयर की परीक्षा थी। परिवार और ससुरालवालों की सहमति से तुषारिका परीक्षा के लिए पति के साथ शादी के जोड़े में ही परीक्षा केंद्र पहुंच गई। तुषारिका ने शादी के जोड़ा पहनकर ही परीक्षा दी और फिर मैरिज हॉल शिव वाटिका पहुंची। मैरिज हॉल पहुंचने के बाद वधू पक्ष की ओर से विदाई की सभी रस्में पूरी की गईं। एक नामी मीडिया संस्थान से बात करते हुए दुल्हन ने बताया कि विवाह की तिथि जब तय हुई थी, तब परीक्षा की तारीख सामने नहीं आई थी। लेकिन विवाह के पूरे कार्यक्रम तय होते ही परीक्षाओं का टाइम टेबल भी आ गया। एक वक्त ऐसा भी आया जब शादी और परीक्षा में किसी एक को चुनने के हालात पैदा हो गए थे। मैं परीक्षा को चुनने का मन बना चुकी थी. हालांकि, ससुरालवालों ने सहमति दे दी थी। खासकर होने वाले पति भी शादी से पहले परीक्षा देने की रजामंदी दे चुके थे। इधर, दुल्हन बनी तुषारिका भी परीक्षा देने को लेकर बेहद उत्साहित थीं। सात फेरे लेने के बाद दूसरे दिन विदाई का समय आया तो सुसराल जाने की बजाए दुल्हन सीधे परीक्षा केंद्र पहुंची। फूलों से सजी-धजी कार से शादी के जोड़े में परीक्षार्थी को देख हर कोई चौंक गया। अब तुषारिका की खूब तारीफ हो रही है। वहीं, दुल्हन जब तक परीक्षा देती रही, तब तक दूल्हा एग्जाम सेंटर के बाहर सजी-धजी कार में दुल्हन का इंतजार करता रहा। लोगों को यह बात खूब भा गई।

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