रायपुर. 3 जुलाई से हड़ताल पर बैठे बीजापुर नेशनल हेल्थ मिशन के 211 संविदा कर्मचारियों पर बर्खास्तगी की करवाई के बाद संगठन ने घोर निन्दा की। इस आदेश को तुगलकी फरमान बताते हुए हड़ताली कर्मचारियों से संवाद स्थापित करने की बजाय करवाई को अलोकतांत्रिक बताया। घड़ी चौक रायपुर में भारतीय संविधान के प्रणेता बाबा अंबेडकर जी की प्रतिमा के सामने लोकतांत्रिक मूल्यो की रक्षा के लिए एकत्रित होकर राज भवन की ओर कुच कि संगठन ने इच्छा मृत्यु का पत्र राज्यपाल के नाम से राजभवन में सौंपते हुए इच्छा मृत्यु मांग की, क्योकि 211 परिवार के लिए नौकरी नही उनके रोजी-रोटी को छीना गया। प्रांताध्यक्ष कौशलेश तिवारी का कहना है कि सरकार संवाद स्थापित करने की बजाय दमन से हड़ताल तुड़वाना चाहती है। जबकि लोकतंत्र में संवाद ही समाधान का रास्ता है। बीजापुर जिला अध्यक्ष रमाकांत पुनेठा ने बताया कि बीजापुर जिला संवेदनशील और आदिवासी बाहुल्य जिला है। इस जिले में हमारे स्वास्थ्य अमले जान जोखिम में डालकर नदी पार कर स्वास्थ सुविधा उपलब्ध कराते हैं, एसे में उन पर संवेदनशीलता पूर्वक विचार करने की अपेक्षा इस करवाई की हम घोर निन्दा करते हैं।
संविदाकर्मियों ने की इच्छा मृत्यु की मांग, 211 संविदा कर्मी के बर्खास्तगी को बताया अलोकतांत्रिक
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