डेंगू रोग ही ऐसा है जिसके बारे में सुनकर ही डर लगता है. अब कोरोना की तरह डेंगू के भी नए नए वेरिएंट नजर आने लेग हैं. ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक डेंगू का नया वेरिएंट DENV2 स्ट्रेन है. जो पुराने स्ट्रेन से कहीं ज्यादा खतरनाक है. ज्यादा चिंता की बात इसलिए भी है क्योंकि दिल्ली एनसीआर के बड़े हिस्से में अब इसी नए वेरिएंट से जुड़े मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं. इसके लक्षण काफी कुछ डेंगू जैसे हैं. लेकिन ज्यादा देर इंतजार किया तो घातक भी हो सकते हैं. इसलिए डेंगू जैसे लक्षण ही दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना ही मुनासिब होगा.
खतरनाक है ये स्थिति DENV 2 को D 2 स्ट्रेन भी कहते हैं. ये स्ट्रेन पहले ही से ही मौजूद रहा है लेकिन समय के साथ साथ ये ज्यादा गंभीर होता चला गया. डेंगू के स्ट्रेन की बात करें तो ये चार मुख्य स्ट्रेन में होता है. जिनके नाम हैं DENV-1. DENV-2, DENV-3 और DENV-4. जब भी कोई स्ट्रेन हमला करता है तब ठीक होते होते अपने खिलाफ इम्यूनिटी भी डेवलेप करगता है. लेकिन दूसरे स्ट्रेन के अटैक करने की गुंजाइश रहती है. डब्ल्यूएचओ ने ये दावा भी किया है कि दो स्ट्रेन एक साथ मिलकर भी मरीज को अपनी चपेट में ले सकते हैं. ऐसे में हालात और गंभीर हो सकते हैं. बीते कुछ सालों की बात करें तो भारत में साल 2012 तक डी 1 और डी 3 स्ट्रेन ज्यादा प्रभावी थे लेकिन उशके बाद से डी 2 ज्यादा हावी होने लगा है.
क्या हैं बदले हुए लक्षण? डेंगू होने पर प्लेटलेट्स गिरना आम बात है. लेकिन नए वेरिएंट के प्रभाव से प्लेटलेट्स गिरने की दर बहुत तेज हो जाती है. इसके अलावा इस वेरिएंट की वजह से हेमोरेजिक फीवर का खतरा भी बढ़ गया है. इस फीवर में तेज बुखार, उल्टी, सिरदर्द के अलावा जॉइंट पेन भी हो सकता है. कुछ लोगों को रैशेज, घबराहट, जरूरत से ज्यादा कमजोरी और नाम-मसूड़ों से खून भी निकल सकता है. इसलिए तेज बुखार आते ही डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी जा रही है.
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.














