सर्दियों में अक्सर लोग सिर दर्द की शिकायत करते हैं। बहुत से लोग तो बताते हैं कि ये सिर दर्द 2 से 5 दिनों तक भी रहता है। तो, कुछ लोग सोकर उठने के बाद या फिर कहीं बाहर से घूमकर आने के बाद सिर में दर्द का अनुभव करते हैं। कई बार तो, ये दर्द इतना जयादा होता है कि लोगों को सिर उठाने तक में दिक्कत होती है। ऐसी स्थिति में लंबे समय तक इस सिरदर्द से परेशना रहने से अच्छा है कि आप इनके कारणों के बारे में जानें और फिर इन घरेलू उपायों का आजमा लें। तो, जानते हैं सिर में ठंड लगने के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय।
सिर में ठंड लगने का कारण
जब कोई ठंडी हवा के अचानक संपर्क में आता है या फिर ठंडी हवा से गुजरता है, तो बैरोमीटर का दबाव कम हो जाता है। हवा के दबाव में इस बदलाव से साइनस या कान में दर्द हो सकता है। अगर ठंडी हवास ड्राई है, तो यह संवेदनशील साइनस झिल्लियों को शुष्क कर सकती है, जिससे सिरदर्द और माइग्रेन का दर्द हो सकता है। इसी को सिर में ठंड लगना कहते हैं जिसमें दर्द लंबे समय तक रहता है या सिर में ठंड की वजह से कफ जम जाता है।
ऐसा माना जाता है कि ठंडे तापमान से ट्राइजेमिनल तंत्रिका यानी वह तंत्रिका जो चेहरे, सिर, मुंह, गले और गर्दन के अधिकांश हिस्सों के लिए संवेदना की जानकारी प्रदान करती है की उत्तेजना मस्तिष्क में ब्लड वेसेल्स के संकुचन का कारण बनती है। ऐसे में ये लक्षण महसूस होते हैं। जैसे
-सिर नींचे से ऊपर उठाने में भी तेज दर्द होना।
-मुंह, गले या गर्दन के आसपास दर्द।
-सिर के अलग-अलग सेल्स में तेज दर्द।
-कान के आस-पास दर्द महसूस होना।
सिर में ठंड लगने के उपाय
सरसों तेल नाक में रखें
अगर आपके सिर में तेज दर्द हो रहा है तो आपको सरसों का तेल गर्म करके अपने नाक में डालना चाहिए। ऐसा करना आपकी ट्राइजेमिनल तंत्रिका यानी वह तंत्रिका जो चेहरे, सिर, मुंह, गले और गर्दन के हिस्सों को आराम पहुंचाती है और एक गर्माहट पैदा करती है जिससे सिर दर्द की समस्या कम होती है।
निलगिरी का भाप लें
गर्म पानी करें और इसमें निलगिरी के तेल की कुछ बूंदें डालें। अब इसका भाप लें। ऐसा करना आपके ट्राइजेमिनल तंत्रिका को खोलती है और इनसे जुड़े तमाम अंगों को आराम पहुंचाती है। इससे दर्द में तेजी से आराम होता है। तो, अगर आपके सिर में ठंड लगने की समस्या हो जाए तो तुरंत आप घर में ही ये उपाय कर सकते हैं।



















