छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री,वित्तमंत्री और मुख्य सचिव से सोशल मीडिया एक्स में पोस्ट करके राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने आग्रह किया है कि केन्द्र सरकार द्वारा जनवरी माह से मूल्य सूचकांक के आधार पर घोषित किए जाने वाले महंगाई भत्ता और महंगाई राहत किस्त को जब तक राज्य सरकार राज्य में कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए जारी न कर दे तब तक राज्य में सेवा दे रहे आईएएस अधिकारियों अर्थात भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को महंगाई भत्ता का भुगतान करने के आदेश जारी करने पर रोक लगाने की मांग की है अर्थात उत्तर प्रदेश की भांति छत्तीसगढ़ राज्य में भी कर्मचारियों और पेंशनरों के बाद आईएएस अधिकारियों को महंगाई भत्ता मिले ऐसी व्यवस्था करने की जरूरत बल दिया है। जारी विज्ञप्ति में छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर फेडरेशन के प्रदेश संयोजक वीरेन्द्र नामदेव ने आगे बताया है कि आई ए एस अधिकारियों को महंगाई भत्ता पहले मिल जाने के बाद वे कर्मचारियों और पेंशनरों को भी शीघ्र महंगाई भत्ता मिले इस पर कोई रुचि नहीं लेते और मंहगाई भत्ता की फाइल को जानबूझकर लटका कर रखते हैं। वित्तीय संकट दिखा बताकर सरकार के मुखिया को निर्णय लेने से रोकने में कामयाब हो जाते है और खुद केन्द्र सरकार के कर्मचारी होने का लाभ उठाकर अपना आदेश करने में सफल हो जाते हैं। जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि हाल ही में विधानसभा चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग से कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने का अनुमति लेकर बिना अनुमति अपना आदेश कर लिए और तीन माह से अधिक समय हो जाने के बाद भी कर्मचारियों और पेंशनरों का आदेश जारी करने में अब तक कोई कार्रवाई का पता नहीं है।इसलिए राज्य सरकार को निर्णय लेकर कर्मचारियों और पेंशनरों के बाद ही आई ए एस अधिकारियों के लिए आदेश जारी करने का निर्णय केबिनेट से पारित करना चाहिए।
कर्मचारियों और पेंशनरों के बाद मिले आईएएस अधिकारियों को महंगाई भत्ता – वीरेन्द्र नामदेव
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