दिल्ली शराब घोटाले में 40 दिनों तक जेल में रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1 जून तक अंतरिम जमानत दिए जाने के कुछ ही घंटों बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया। अदालत के निर्देशानुसार, जेल अधीक्षक की संतुष्टि के लिए इतनी ही राशि की एक जमानत राशि के साथ 50,000 रुपये के जमानत बॉन्ड उनकी रिहाई से पहले जमा किए गए।केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और वरिष्ठ आप नेता मुख्यमंत्री की रिहाई के समय तिहाड़ जेल के बाहर थे। इसके अलावा सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय और आतिशी और कई कार्यकर्ता भी जेल के बाहर खड़े थे। आप कार्यकर्ताओं ने अरविंद केजरीवाल की तस्वीर वाले झंडे लेकर नारेबाजी की और मिठाइयां बांटीं।देश को तानाशाही से बचाना है- केजरीवाल
तिहाड़ से निकलने के बाद केजरीवाल गाड़ी में बैठे और हाथ हिलाकर वहां मौजूद लोगों का अभिवादन करते हुए सीधे घर के लिए रवाना हो गए। हालांकि जेल से थोड़ी दूर जाने के बाद उन्होंने पार्टी कार्यकर्तोओं से संक्षिप्त अपील की। उन्होंने कहा, मैं सब लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। देश भर के लोगों ने अपना आशीर्वाद और दुआएं भेजीं, इसके लिए उनका शुक्रिया। मैं सुप्रीम कोर्ट के जजों का भी शुक्रिया करना चाहता हूं, जिनकी वजह से आपके बीच खड़ा हूं। अरविंद केजरीवाल ने वहां मौजूद लोगों से निवेदन किया कि सभी लोग मिलकर तानाशाही के खिलाफ लड़ें। कहा कि मैं तन, मन, धन से देश को तानाशाही से बचाने के लिए लड़ रहा हूं। लेकिन यह लड़ाई मेरे अकले की नहीं है। इस लड़ाई में देश के 140 करोड़ लोगों का साथ चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि कल 11 बजे सभी लोग कनाट प्लेस के हनुमान मंदिर पहुंचे। वहां हम लोग अपनी लड़ाई को जारी रखने के लिए हनुमान जी का आशीर्वाद लेंगे। फिर उन्होंने कहा कि कल 1 बजे पार्टी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित किया जाएगा। इस दौरान आगे की रणनीति भी बनाई जाएगी।देश को तानाशाही से बचाना है, तिहाड़ जेल से निकलकर बोले केजरीवाल
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