बारिश का सीजन चल रहा है. इस दौरान बीमारियों का खतरा सबसे ज्यादा होता है. ऐसे में सावधान रहना चाहिए. खानपान को लेकर जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है. इस मौसम में बाहर का कुछ भी खाना अवॉयड करना चाहिए. ऑयली चीजों से भी दूरी बनाकर रखना चाहिए. वहीं, बासी खाना खाने से बचना चाहिए.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ लोग बरसात में दिन में एक बार खाना बना लेते हैं और रात तक उसी को खाते रहते हैं, जो खतरनाक हो सकता है. ऐसा करना अस्पताल पहुंचा सकता है. यहां जानिए खाना बनाने के कितने देर तक खा सकते हैं…
बारिश में बना खाना कितनी देर बाद नहीं खाना चाहिए
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि, बरसात के दिनों में तापमान गिर जाता है, हवा में नमी बढ़ जाती है, जिससे वायरस, बैक्टीरिया, फंगस आसपास मौजूद होते हैं. इसी कारण इस मौसम में हमेशा ताजा खाना ही खाना चाहिए. इस सीजन में 3 घंटे से ज्यादा देर तक रखा नहीं खाना चाहिए. ऐसा इसलिए, क्योंकि इस मौसम में कई खाना जल्दी खराब हो जाते हैं और पता भी नहीं चलता है. इसे खाने के बाद पेट में इंफेक्शन हो सकता है.
खाना बनाने के बाद क्या करना चाहिए
एक्सपर्ट्स का कहना है कि बरसात में खाना बनाकर फ्रिज में रखना और बाद में खा लेना भी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. खाने को फ्रिज में नहीं रखना चाहिए. कोशिश करें कि खाना बनाने के बाद उसे खा लें. मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने के लिए हमेशा गर्म फूड्स ही खाना चाहिए.
बरसात में खाना बनाते समय साफ-सफाई का खास ख्याल रखें. हमेशा खाना बनाने के लिए साफ पानी का इस्तेमाल करना चाहिए. फल और सब्जियां हमेशा धोकर ही खाना चाहिए. गुनगुने पानी में नमक डालकर सब्जियों को अच्छी तरह साफ करना चाहिए.
खाने में इन चीजों को शामिल करें
एक्सपर्ट्स का कहना है कि बारिश में शरीर का मेटाबॉलिज्म कम हो जाता है और इम्यूनिटी लो हो जाती है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इससे बचने के लिए मेटाबॉलिज्म और इम्यूनिटी बूस्ट करने पर फोकस करना चाहिए. खाने में अदरक, लहसुन और नींबू को शामिल करना चाहिए. जितना हो सके बाहर के खाने से बचना चाहिए और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना चाहिए.

Advertisement Carousel
Share.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031