तत्कालीन भूपेश बघेल की सरकार में 2020-2022 सत्र में छग लोक सेवा आयोग की भर्तियों में बड़ी गड़बड़िया सामने आई थी। जारी रिजल्ट के आधार पर पाया गया था कि नियुक्तियों में ज्यादातर नाम CGPSC के अफसर के करीबी परिजनों के नाम थे। चुनाव के दौरान भी इस मामले को लेकर जमकर सियासत देखी गई थी वही तब विपक्ष में रही भाजपा ने भी ऐलान किया था कि सरकार में वापसी पर वे इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराएँगे। वहीं अब राज्य की भाजपा की सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है।
CGPSC में भर्ती गड़बड़ी की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी CBI के हवाले
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