– चन्द्रभूषण वर्मा
रायपुर।
राजधानी ही नहीं पूरे छत्तीसगढ़ के सर्वसुविधायुक्त आवासीय कॉलोनी उपलब्ध कराने के लिए चर्चित कमल विहार में आएदिन बिजली गुल होने से वहां के रहवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के इस प्रोजेक्ट ने रहवासियों का तमाम तरह की सुविधाएं देने का वादा किया है और उपलब्ध भी कराई गई है। लेकिन अंडरग्राउंड बिजली का सिस्टम सरदर्द बन गया था। आएदिन बिजली कटौती से वहां के रहवासी खासे परेशान थे। स्थिति यहां तक आ गई कि कमल विहार में लगे ट्रांसफार्मर यार्डों के खराब 11 केवी प्रोटेक्शन पैनल को फोरपोल डीओ यूनिट को बदलने तक की नौबत आ गई।
लोगों की आएदिन आ रही शिकायतें राज्य बिजली कंपनी के एमडी पी.दयानंद और कलेक्टर गौरव कुमार सिंह तक भी पहुंच गया। शिकायत मिलते ही सीएसपीडीसीएल और आरडीए के अधिकारियों ने वस्तुस्थिति देखी और आरडीए ने इस खराबी को दूर करने बिजली कंपनी को एक करोड़ 87 लाख भुगतान किया। इसके बाद तत्काल ही इस समस्या को दूर करने सीएसपीडीसीएल तत्काल इस खराबी को दूर करने की तैयारियों में जुट गया और खराब ट्रांसफॉर्मर यार्ड को बदलने के लिए 27 फोरपोल लगाने का तेजी से कराया जाने लगा।
इस मामले में स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी रायपुर वृत्त के अधीक्षण अभियंता मनोज वर्मा का कहना है कि कमल विहार में अंडरग्राउंड बिजली सिस्टम में खराबी है, उसके कई ट्रांसफार्मर यार्ड खराब हुए हैं। कमल विहार के बिजली सिस्टम को दुरुस्त करने टेंडर प्रक्रिया पूरी करके तेजी से काम कराया जा रहा है।
दो से तीन दिनों में तैयार कराए गए 13 पोल
मनोज वर्मा ने बताया कि खराब ट्रांसफार्मर यार्ड बदलने के लिए 27 फोरपोल लगाने का काम तेजी से कराया जा रहा है। जिनमें से 13 पोल दो से तीन दिनों के अंदर तैयार कराए गए। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया से ठेकेदारों को काम दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगले 4 से 5 दिनों में सभी 27 फोरपोल का काम पूरा करा लिया जाएगा।
किसी भी सेक्टर में लेना पड़ सकता है शटडाउन
मनोज वर्मा का कहना है कि इस स्थिति में कमल विहार के किसी भी सेक्टर में शटडाउन लिया सकता है।

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