हरियाणा में हिसार जिले में हांसी के निकट तीन दिन पूर्व एक कारोबारी को कथित रूप से 11 लाख की लूट के बाद जिंदा जला दिये जाने की घटना में नाटकीय खुलासा करते हुए पुलिस ने आज दावा किया कि वह कारोबारी जिंदा है। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान कारोबारी का मोबाईल एक्टिव पाये जाने पर उन्हें संदेह हुआ। उस मोबाईल से जिस एक नंबर पर कई फोन किये व घंटों बात हुई, उसे ट्रेस कर पुलिस एक महिला तक पहुंची। महिला ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि डिस्पोजल ग्लास फैक्ट्री का मालिक राम मेहर जिंदा है और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में है। हांसी पुलिस ने बिलासपुर पुलिस से संपर्क किया और कारोबारी के जीवित होने की पुष्टि की। पुलिस ने कारोबारी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस कारोबारी से पूछताछ करेगी कि उसने यह कहानी क्यों गढ़ी और कार में जिस व्यक्ति की लाश मिली थी, वह कौन था। मंगलवार की रात पुलिस को भाटला-महजत मार्ग पर जलती कार की सूचना मिली थी। राम मेहर के परिजनों के अनुसार राम मेहर ने अपने भांजे को रात 11 बजे फोन कर कहा था कि लूट के इरादे से कुछ बदमाशों ने घेर लिया है और मदद की मांग की थी। इसकी एक ऑडियो क्लिप भी सोशल मीडिया में वायरल हुई थी। परिजनों ने पुलिस को सूचित किया और घटनास्थल पर पहुंचे। कार में एक व्यक्ति की लाश थी, जिसके बारे में समझा गया कि वह राम मेहर की लाश है और यह भी मान लिया गया कि बदमाशों ने उसके पास से 11 लाख रुपये लूटने के बाद उसे जिंदा जला दिया है। घटना से हांसी में सनसनी फैल गई थी और पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह के नेतृत्व में कई पुलिस टीमें बनाकर मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस के अनुसार संदेह की वजहें कई थीं जैसे कार को बाहर से लॉक किया गया था तो चाबी क्यों नहीं मिली। फिर, राम मेहर कार का दरवाजा खोलकर बाहर भी तो निकल सकता था, क्यों नहीं निकला? इसके अलावा लाश ड्राइविंग सीट पर न होकर साथ वाली सीट पर थी, कारोबारी का फोन नहीं मिला था और परिजनों ने पुलिस को राम मेहर का फोन आने की सूचना 50 मिनट बाद दी थी। घटना के दिन से पहले दो दिन राम मेहर घर नहीं आया था लेकिन परिजनों ने यह बात पुलिस को बताई नहीं थी। पत्रकारों से बातचीत में एसपी लोकेन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिस शुरू से ही इस केस को संदेहजनक मानकर चल रही थी। घटना के दिन राममेहर का अपने परिजनों के पास रात को 11.25 बजे फोन आया, परिजनों ने 12.05 बजे पुलिस को सूचित किया और 12.10 बजे भाटला पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंच गई लेकिन तब तक गाड़ी जल चुकी थी। पुलिस ने विभिन्न स्तरों पर इस केस की जांच की तो लोकेशन के आधार पर सामने आया कि उस दिन राममेहर हिसार गया ही नहीं था जबकि परिजनों का कहना था कि उसने हिसार से चलने से पहले उनके पास फोन किया था कि वह घर के लिए चल पड़ा है। पुलिस ने इस घटना के संबंध में धारा 396 व 201 के तहत केस दर्ज करते हुए जांच शुरू की। विभिन्न पहलुओं की जांच करते हुए पुलिस को गाड़ी से राममेहर का मोबाइल नहीं मिला जिस पर शक गहरा रहा था। पुलिस ने इसके बाद मोबाइल पर कॉलिंग के नंबर और रात के समय वहां पर नेटवर्क के नंबर ट्रेस किये थे। पुलिस को इस मामले में संदिग्धता नजर आ रही थी। पुलिस अधीक्षक लोकेन्द्र सिंह ने बताया कि घटना की जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया गया, जिसके चलते घटना में मृत राममेहर को बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधीक्षक के अनुसार राममेहर को हांसी लाने के बाद पूछताछ करके घटना में रची साजिश का पूरा पर्दाफाश किया जायेगा।
11 लाख की लूट का शिकार कारोबारी छत्तीसगढ़ बिलासपुर में मिला जिंदा
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