चैत्र नवरात्रि के दौरान व्रत रखने वाले लोग खासतौर पर अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए कुट्टू के आटे का सेवन करते हैं. कुट्टू का आटा बहुत पौष्टिक होता है, इसमें फाइबर, प्रोटीन, आयरन और मिनरल्स होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं और पाचन को दुरुस्त रखते हैं.
लेकिन बाजार में नकली कुट्टू आटे का भी सामना हो सकता है, जिसमें मिलावट की जा सकती है. यदि आप कुट्टू का आटा खरीदने जा रहे हैं, तो इन तरीकों से आप मिलावट की पहचान कर सकते हैं.
पानी में डालकर देखें
असली कुट्टू का आटा पानी में डालने पर आसानी से घुलता नहीं है और थोड़ा हल्का रहता है, जबकि मिलावटी आटा या नकली आटा पानी में तुरंत घुलकर गाढ़ा हो सकता है. अगर आटे का मिश्रण पानी में घुल जाए, तो यह मिलावटी आटा हो सकता है.
रंग की जांच करें
असली कुट्टू का आटा हल्के भूरे या सफेद रंग का होता है. अगर आटा बहुत सफेद और चमकदार हो, तो इसमें आर्टिफिशियल सफेदी डालने की संभावना हो सकती है, जो एक मिलावट का संकेत हो सकता है.
महसूस करें
असली कुट्टू का आटा हाथों में लेने पर हल्का और थोड़ा ग्रेनी महसूस होता है. अगर आटा बहुत मुलायम और रेशमी लगे, तो इसमें मिलावट हो सकती है.
मुट्ठी भर आटा फेंकें
एक मुट्ठी आटा लेकर उसे जमीन पर फेंकें. असली कुट्टू का आटा गिरने के बाद धीरे-धीरे फैलता है, जबकि नकली आटा कड़ी होकर एक जगह पर जमा हो सकता है.
इन सरल तरीकों से आप कुट्टू के आटे में मिलावट की पहचान कर सकते हैं और नवरात्रि के दौरान सुरक्षित और पौष्टिक आटा सेवन कर सकते हैं.
ब्रांड और पैकेजिंग
हमेशा विश्वसनीय ब्रांड या अच्छे और प्रमाणित दुकानों से ही आटा खरीदें. पैकिंग पर सही लेबल और उत्पादन की तिथि, एक्सपायरी डेट और प्रमाणपत्र (जैसे FSSAI लाइसेंस) जरूर देखें.