अपनी कप्तानी में इस साल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को सर्वकालिक पहला आईपीएल खिताब दिलाने वाले और उम्र के 33वें साल में चल रहे रजत पाटीदार ने टीम इंडिया के लिए आखिरी टेस्ट पिछले साल फरवरी में खेला था, लेकिन हो चले बहुत ही कड़े मुकाबले के बीच उन्होंने टीम इंडिया में वापसी का हौसला नहीं खोया है. शुक्रवार से एक बार फिर से पुराने फॉर्मेट में शुरू हुए देश के प्रीमियर दलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट के पहले राउंड के शुरुआती दिन पाटीदार ने अपनी बैटिंग के अंदाज से यह पूरी तरह से साफ कर दिया. मध्य क्षेत्र की कप्तानी कर रहे पाटीदार ने इस महीने के आखिरी दिन तक चलने वाले मुकाबले में ऐसे बैटिंग की मानो वह वनडे मैच खेल रहे हों! पाटीदार ने आउट होने से पहले सिर्फ 96 गेंदों पर 21 चौकों और 3 छक्कों से 125 रन बनाए.
यह स्ट्राइक-रेट बहुत कुछ कहता है!
दलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट में देश के पांच जोनों से बनी टीम खेल रही हैं. एक जोन में करीब पांच-छह राज्यों से एक टीम चुनी जाती है, जो रणजी ट्रॉफी के प्रदर्शन के आधार पर बनती है. यह स्तर किसी भी बल्लेबाज के लिए परीक्षा का अच्छा स्तर है, लेकिन रजत पाटीदार ने दिखाया कि वह चारदिनी क्रिकेट को अपने ही अंदाज में खेलेंगे. और उन्होंने 130.20 के स्ट्राइक-रेट से बैटिंग की.
पहले दिन मध्य क्षेत्र मजबूत
बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (पूर्व में NCA) मैदान पर उत्तर क्षेत्र के खिलाफ पहले दिन दिन पाटीदार के शतक और दानिश मालेवार के नाबाद 198 रनों ने मध्य क्षेत्र को खासा मजबूत कर दिया है. दिन का खेल खत्म होने तक मध्य क्षेत्र ने उत्तर के बॉलरों को पस्त करते हुए 2 विकेट पर 432 रन बना लिए हैं. और आप यह देखें कि यह स्कोर सिर्फ 77 ओवरो में बनाया गया. प्रति ओवर 5.61 का औसत. इससे आप समझ सकते हैं कि बल्लेबाजों ने कैसी बैटिंग की और पिच कैसी है.














