पटना: बिहार की राजधानी पटना मेट्रो का आगाज सोमवार को विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के कुछ घंटे पहले हो गया. बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने इसे हरी झंडी दिखाई. पहले चरण में ब्लू लाइन मेट्रो चार स्टेशनों के बीच चलेगी. ये पाटलिपुत्र ISBT से, जीरो माइल होते हुए भूतनाथ के बीच सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक चलेगी. पटना मेट्रो किराया 15 रुपये से शुरू होगा. पटना देश का 24वां ऐसा शहर बन गया है, जो मेट्रो नेटवर्क से जुड़ा है. सीएम नीतीश कुमार ने पाटलिपुत्र बस डिपो से इसे हरी झंडी दिखाई. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी इस दौरान मौजूद थे.
4.3 किलोमीटर के इस मेट्रो रूट में एक से दूसरे स्टेशन के बीच जाने पर न्यूनतम 15 रुपये और पूरे मेट्रो रूट का किराया 30 रुपये होगा. मेट्रो पूरे दिन भर में 40 से 42 चक्कर लगाएगी. जबकि दिल्ली मेट्रो में दो किलोमीटर तक का न्यूनतम किराया 11 रुपये है और 2 से 5 किलोमीटर के लिए 20 रुपये किराया है.
पटना मेट्रो के कोच बिहार की लोकप्रिय कला मधुबनी पेटिंग पर आधारित हैं, जिसके पारंपरिक पैटर्न डिब्बों से लेकर मेट्रो स्टेशन पर दिखाई देगी. एक मेट्रो ट्रेन में अधिकतम 900 यात्री सवार हो सकेंगे. माना जा रहा है कि व्यस्ततम समय में मेट्रो सेवा काफी फायदेमंद साबित होगी. पटना मेट्रो का प्लान नीतीश कुमार की कैबिनेट ने 11 जून 2013 को मंजूर किया था. इसके बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की गई.

केंद्र सरकार ने जून 2014 में हरी झंडी दिखाई और पांच चरणों का निर्माण प्लान मंजूर किया गया. पीएम मोदी ने 17 फरवरी 2019 को पहले मेट्रो कॉरिडोर की आधारशिला रखी थी. इसके लिए पटना मेट्रो रेल कारपोरेशन बनाया गया. दिल्ली मेट्रो (DMRC) को पटना मेट्रो के लिए सलाहकार बनाया गया. पटना मेट्रो प्रोजेक्ट की लागत करीब 13,925 करोड़ रुपये है. बिहार सरकार के अलावा केंद्र औऱ जापन इंटरनेशनल कारपोरेशन एजेंसी (JICA) ने भी इसके लिए वित्तीय सहायता दी है.



















