बागपत– बागपत में हुए तिहरे हत्‍याकांड को किसने अंजाम दिया, इसका खुलासा हो गया है. इस तिहरे हत्‍याकांड को उन 2 नाबालिग छात्रों ने अंजाम दिया, जिन्‍हें मुफ्ती मस्जिद में बने मदरसे में तालीम देते थे. इन नाबालिगों ने हथौड़े से पीट-पीटकर मुफ़्ती की पत्नी और 2 बेटियों की हत्‍या कर दी. पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि नाबालिग आरोपी इस बात से नाराज थे कि मुफ्ती उन्‍हें तालीम देते समय पीटते हैं. इस पिटाई से नाबालिग इतने गुस्‍से में थे कि मुफ्ती के देवबंद जाते ही उन्‍होंने हत्‍याकांड को अंजाम दे दिया.    

यूपी के बागपत में तिहरे हत्याकांड की वारदात से इलाका थर्रा उठा है. हत्‍या की घटना को उस जगह अंजाम दिया गया, जहां लोग इबादत करते हैं. मस्ज़िद के अंदर बने कमरे में एक चारपाई और फर्श पर 3 बेजान जिस्म पड़े थे, जिनमें 2 बच्चियां और उनकी मां थी. हत्या बड़ी बेदर्दी से की गई. जिसके परिवार के सदस्‍यों की हत्या की गई, वो हैं मस्ज़िद परिसर में तालीम देने वाले इमाम. तीन लोगों की हत्‍या की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लिया. 

पुलिस जब मस्जिद में पहुंची, तो उन्‍हें गुस्‍साए लोगों के विरोध का सामना भी करना पड़ा. मेरठ रेंज के डीआईजी ने एसपी बागपत के निर्देशन में टीम गठित कर इस मामले की जांच शुरू कर दी है. वारदात थाना दोघट क्षेत्र के गांगनौली गांव की है. जहां बड़ी मस्जिद में सालों से इब्राहिम इमाम थे. जहां वो मदरसे में भी बच्चों को तालीम देने का काम करते थे. इमाम इब्राहिम किसी काम से देवबंद गए हुए थे. यहां उसकी बेगम इसराना, 5 साल की बेटी शोफ़िया, 2 साल की सुमईया मौजूद थीं. 

रोजमर्रा की तरह बच्चे मस्जिद पहुंचे, तो कमरे में ख़ूनी मंज़र देखकर दंग रह गए. कमरे में इसराना और उसकी बेटियों की लहूलुहान लाशें पड़ी थीं, जिसकी जानकारी जैसे ही लोगों लगी तो हड़कंप मच गया. घटना से पहले मस्ज़िद के CCTV कैमरे भी बंद कर दिए गए थे. वहीं, इमाम इब्राहिम किसी काम से देवबंद गए हुए थे. तिहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही कई थानों की फोर्स के साथ डीआईजी और एसपी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लिया गया. 

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