लाल किले पर ब्लास्ट के मास्टरमाइंड डॉ. मुजमिम्ल के फतेहपुर तगा स्थित ठिकानें और फरीदाबाद में अल फलाह यूनिवर्सिटी पर चौकाने वाला सच सामने आया। मुजम्मिल का ठिकाना बाहर से एक खंडहरनुमा टूटा फूटा मकान है, लेकिन इसके अंदर देश को दहलाने का पूरा सामान मौजूद था। किराए पर लिया यह घर ऐसा ‘वॉच टावर’ था, जहां से गांव में होने वाली हर हरकत पर पूरी नजर रखी जाती थी, जहां से गांव में होने वाली हर हरकत पर पूरी नजर रखी जाती थी। ये गांव लाल किले से 52 किलोमीटर और अल फलाह यूनिवर्सिटी से महज 3 किलोमीटर दूर हैं। अल फलाह यूतिवर्सिटी के लडक़ों ने बताया कि ग्रामीणों या किसी बाहरी को शक न हो, इसीलिए मुजमिम्ल ने यह खंडहरनुमा घर चुना।
घर में 3 कमरे एक किचन और एक बरामदा हैं। जब घर का कोना-कोना खंगाला तो साफ हो गया कि यहां लोगों की आवाजाही थी। पहले ही कमरे में एक ‘एक्टिव किचन’ मिला, जिसमें सामान व्यवस्थित तरीके से रखा था। दूसरे कमरे में केयरटेकर के लिए के लिए एक बेड और ठंड से बचने के लिए हीटर रखा मिला। जबकि तीसरे कमरे में एक नीला ड्रम और चौथे कमरे में भूसे के ढेर मिला, जिसके नीचे उसने 2900 किलो अमोनियम नाइट्रेट छिपाकर रखा था। याह सब पैटर्न साफ इशारा करता हैं कि यहां न सिर्फ विस्फोटक स्टोर किया जा रहा था, बल्कि आतंकी लंबे समय तक रूकने की योजना बना चुके थे।
खंडहर या बारूदी किला : छिपा रखा था 2900 किलो विस्फोटक, छत पर मिले पत्थर
Related Posts
Add A Comment



















