राजेंद्रनगर थाना क्षेत्र के अमलीडीह में झाड़ियों के बीच मिली कैटरिंग कर्मी वंदना बाघ की हत्या का मामला पुलिस के लिए पेचीदा बनता जा रहा है। घटना के तीसरे दिन भी पुलिस को हत्यारे का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। वहीं जिन व्यक्तियों पर प्रारंभिक संदेह जताया गया था, वे भी पुलिस की पकड़ सेे बाहर हैं।
रविवार को डा आंबेडकर अस्पताल में मृतका का पोस्टमार्टम कराया गया। डाक्टरों ने फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं किया है और विस्तृत रिपोर्ट आने का इंतजार है। पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही हत्या की प्रकृति और समय को लेकर सटीक जानकारी मिल पाएगी। गौरतलब है कि काशीराम नगर निवासी वंदना बाघ कैटरिंग का काम करती थी। 20 नवंबर की शाम काम के सिलसिले में घर से निकली थी। स्वजन के अनुसार वह अक्सर दो-तीन दिनों तक बाहर रहती थी, इसलिए उसकी गैरहाजिरी पर किसी ने संदेह नहीं किया। 22 नवंबर की शाम अमलीडीह क्षेत्र में प्लांट की झाड़ियों के पास उसकी लाश मिली थी।
मोबाइल मिला, जांच जारी:-घटनास्थल से पुलिस को मृतका का मोबाइल भी मिला, जिसके जरिए तुरंत उसकी पहचान हो गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने मोबाइल डेटा, काल डिटेल और लोकेशन के आधार पर कुछ संदेहियों को चिन्हित किया था। लेकिन उनके अचानक गायब हो जाने से मामले के कई पहलू संदेह के घेरे में आ गए हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल लोकेशन और मृतका के संपर्क में आए लोगों की सूची खंगाल रही है। साथ ही फोरेंसिक टीम को भी मौके से मिले सबूतों का विश्लेषण करने के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले की दिशा साफ होगी।
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