चीन ने सोमवार को ताइवान जलडमरूमध्य के बीचोंबीच बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है. यह ड्रिल ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका ने ताइवान को रिकॉर्ड हथियार पैकेज मंजूर किया है और ताइवान को लेकर चीन और जापान के बीच कूटनीतिक तनाव भी तेज हो गया है. चीनी सरकारी एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के ईस्टर्न थिएटर कमांड ने लड़ाकू विमान, बमवर्षक, ड्रोन और लंबी दूरी की रॉकेट फायरिंग के साथ संयुक्त अभ्यास किया. रिपोर्ट के अनुसार यह सैन्य अभ्यास ताइवान जलडमरूमध्य के मध्य क्षेत्र के समुद्री और हवाई हिस्सों में किया जा रहा है.

चीन कौन सी ताकत परख रहा?

इस अभ्यास का मुख्य फोकस जमीन पर चलने वाले मोबाइल लक्ष्यों पर सटीक हमले की क्षमता को परखना है. चीन का कहना है कि इस ड्रिल के जरिए सैनिकों की प्रिसिजन स्ट्राइक और अहम ठिकानों पर तेजी से हमला करने की तैयारी को जांचा जा रहा है. चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और लंबे समय से कहता रहा है कि वह उसे मुख्य भूमि में शामिल करेगा. बीते कुछ वर्षों में ताइवान को लेकर चीन की सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ी हैं. इस ताजा अभ्यास को भी उसी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है.

क्यों चिढ़ा हुआ है चीन?

यह ड्रिल ऐसे वक्त में शुरू हुई है जब अमेरिका ने ताइवान को 11.1 अरब डॉलर का हथियार पैकेज देने की मंजूरी दी है. अगर यह सौदा अमेरिकी कांग्रेस से पास हो जाता है तो यह अब तक का सबसे बड़ा अमेरिकी हथियार सौदा होगा. चीन ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि अमेरिका ताइवान को उकसाकर इलाके को बारूद के ढेर में बदलना चाहता है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि अमेरिका ने ताइवान क्षेत्र को भारी मात्रा में आधुनिक हथियार बेचने का ऐलान कर अलगाववादी ताकतों को बेहद गलत संकेत दिया है. उन्होंने साफ कहा कि चीन अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए मजबूत और ठोस कदम उठाएगा.

ताइवान को लेकर चीन और जापान में क्या तनाव?

ताइवान को लेकर चीन और जापान के बीच भी तनाव बढ़ा हुआ है. जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने संसद में कहा था कि अगर ताइवान में कोई संकट पैदा होता है तो यह जापान के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकता है और ऐसे में जापानी रक्षा बलों को अमेरिका के समर्थन में कदम उठाना पड़ सकता है. इस बयान पर चीन ने कड़ा विरोध जताया और बयान वापस लेने की मांग की. चीन ने जापान पर ताइवान के पास सैन्य तैनाती बढ़ाने का भी आरोप लगाया है. बीजिंग का कहना है कि जापान ओकिनावा के पूर्वी द्वीपों पर मोबाइल सर्विलांस रडार और सैनिक तैनात कर रहा है ताकि चीनी एयरक्राफ्ट कैरियर और विमानों पर नजर रखी जा सके. चीन का आरोप है कि जापान यहां तक कह चुका है कि वह मध्यम दूरी की मिसाइलें भी तैनात करेगा.

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930