छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित घोटाले ने एक बार फिर प्रशासनिक और कारोबारी गलियारों में खलबली मचा दी है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर और महासमुंद में एक साथ 9 ठिकानों पर छापेमारी की. यह पूरा मामला भारतमाला परियोजना के तहत बनने वाले रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ा हुआ है. जांच एजेंसी का फोकस भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजा भुगतान में हुई कथित अनियमितताओं पर है, जिसे लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं. रायपुर में जमीन व्यापारी हरमीत खनुजा के ठिकानों और उनसे जुड़े लोगों के परिसरों पर ED की टीमों ने दबिश दी. इसके साथ ही उन जमीन मालिकों से जुड़े ठिकानों पर भी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है, जिनकी जमीनें इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित की गई थीं.
क्या है भारतमाला प्रोजेक्ट?
भारतमाला प्रोजेक्ट दरअसल सरकार की एक बड़ी सड़क बनाने की योजना है. जैसे मोहल्ले में रास्ता ठीक न हो तो आने-जाने में दिक्कत होती है, वैसे ही देश में भी अगर सड़कें अच्छी न हों तो व्यापार, नौकरी और रोज़मर्रा की जिंदगी सब प्रभावित होती है. इसी समस्या को दूर करने के लिए भारतमाला प्रोजेक्ट लाया गया. भारतमाला प्रोजेक्ट का सीधा मतलब है देशभर में चौड़ी, तेज़ और सीधी सड़कें बनाना, ताकि एक शहर से दूसरे शहर जाना आसान हो जाए. ट्रक, बस और गाड़ियां बिना जाम के तेज़ी से चल सकें.
महासमुंद में ED की बड़ी कार्रवाई
महासमुंद में भी ED की कार्रवाई ने सनसनी फैला दी. सुबह करीब 6 बजे प्रवर्तन निदेशालय की टीम दो गाड़ियों में शहर पहुंची और मेघ बसंत इलाके में स्थित व्यवसायी जसबीर सिंह बग्गा के निवास पर छापेमारी शुरू की. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई भी भारतमाला परियोजना में कथित गड़बड़ियों से जुड़ी हुई है.फिलहाल घर के अंदर ED की टीम दस्तावेजों, लेन-देन और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है. वहीं बाहर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं. सुरक्षा कारणों से किसी भी बाहरी व्यक्ति को घर के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है. पूरे इलाके में सन्नाटा और तनाव का माहौल है.
जांच एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि जमीन के वास्तविक मूल्य और मुआवजा भुगतान के बीच अंतर कैसे और किन लोगों की मिलीभगत से पैदा हुआ. शुरुआती जांच में बड़े लेन-देन और संदिग्ध दस्तावेजों की आशंका जताई जा रही है.हालांकि, ED की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद जब्ती और पूछताछ से जुड़े बड़े खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल पूरे मामले में आगे की कार्रवाई और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है.














