आज के समय में डायबिटीज की समस्या बेहद तेजी से बढ़ रही है. भारत में डायबिटीज के 10 करोड़ से ज्यादा मरीज हैं और अगले कुछ सालों में यह संख्या 15 करोड़ के पार होने की आशंका जताई जा रही है. डायबिटीज से बचने के लिए अक्सर खानपान सुधारने की सलाह दी जाती है. कई लोग तो डायबिटीज से बचने के लिए आलू खाना छोड़ देते हैं. माना जाता है कि आलू खाने से शुगर की बीमारी हो सकती है. अब सवाल है कि क्या वाकई आलू खाने से डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है? चलिए इस बारे में डॉक्टर से सच्चाई जान लेते हैं.
नई दिल्ली के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर ने बताया कि आलू सबसे ज्यादा खाई जाने वाली सब्जी है और इसमें फाइबर, पोटैशियम, विटामिन C और विटामिन B6 जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. आलू का सेवन करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है. डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है, जिसकी कई वजह होती हैं. सिर्फ आलू खाने से डायबिटीज की बीमारी का खतरा नहीं बढ़ता है. लोगों में यह गलतफहमी है और इससे बचना चाहिए. अगर किसी व्यक्ति को पहले से डायबिटीज है, तब उसे आलू का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए.
डॉक्टर ने बताया कि आलू में कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा ज्यादा होती है, जो शरीर में जाकर ग्लूकोज में बदलता है. यही वजह है कि आलू को हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) वाला फूड माना जाता है. हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड्स खाने से डायबिटीज के मरीजों का ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है. अगर आलू को ज्यादा मात्रा या गलत तरीके से खाया जाए, तो यह डायबिटीज के मरीजों का ब्लड शुगर प्रभावित कर सकता है. हालांकि स्वस्थ लोगों के लिए आलू खाना सुरक्षित है और इससे डायबिटीज का खतरा नहीं है. अगर आलू को प्रोटीन और फाइबर से भरपूर चीजों के साथ खाया जाए, तो इसका असर धीरे-धीरे पड़ता है. जैसे दही, सब्जियों या दाल के साथ आलू खाने से ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता है. इसके अलावा आलू को ठंडा करके खाने से उसमें रेजिस्टेंट स्टार्च बढ़ जाता है, जो शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है. आलू को पूरी तरह से डाइट से हटाने की जरूरत नहीं है, बल्कि समझदारी से इसका सेवन करना चाहिए. संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और ब्लड शुगर की निगरानी के साथ अगर आलू खाया जाए, तो यह सेहत के लिए नुकसानदायक नहीं होता है.
(सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. )














