महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने न्यूज़18 इंडिया को दिए साक्षात्कार में महायुति की जीत का रणनीतिक ब्लूप्रिंट पेश किया. उन्होंने बीएमसी सहित राज्य के सभी 29 निकायों में ‘क्लीन स्वीप’ का दावा करते हुए स्पष्ट किया कि मुंबई का अगला मेयर मराठी और कट्टर हिंदुत्ववादी चेहरा होगा. फडणवीस ने धारावी पुनर्विकास को गेमचेंजर बताते हुए मुंबई को 7 वर्षों में झुग्गी-मुक्त करने का संकल्प लिया. उद्धव ठाकरे पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने 68 उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत को पीएम मोदी के नेतृत्व पर जनता की मुहर बताया.
महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों की रणभेरी के बीच महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने हल्लाबोल इंटरव्यू दिया. उन्होंने कई तीखे सवालों के जवाब दिए. साथ ही उन्होंने बाला साहेब ठाकरे की लेगेसी और ठाकरे बंधु (उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे) पर हल्के अंदाज में तंज कसा. साथ ही उन्होंने बताया कि बाला साहेब ठाकरे की लेगेसी एकनाथ शिंदे के पास कैसे है? उन्होंने मुंबई नगर निकाय चुनाव में जीत और मेयर पद को लेकर भी भविष्यवाणी की. उन्होंने इस बात का भी जवाब दिया कि मुंबई का मेयर मराठी हिंदू क्यों होगा?
बोलने वाले से नहीं डरता- फडनवीस
अपने इंटरव्यू के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि बोलने से डरता नहीं हूं. मैं चुनावी लिबरल नहीं हूं. आपको साफ बता दूं कि मुंबई हिंदू महापौर चाहती है. मराठी महापौर चाहती है.
मराठी भाषा विवाद पर क्या बोले फडणवीस?
फडणवीस ने कहा कि मराठी फर्स्ट तो रहेगा ही ना. उन्होंने ठाकरे बंधु की गुंडागर्दी पर कहा कि ऑटोवाले या फिर दबे कुचले को मारकर मराठी का विकास तो नहीं हो सकता है ना? उन्होंने कहा कि अगर तामिलनाडु में तामिल फर्स्ट है तो महाराष्ट्र में मराठी फर्स्ट होगा ही, मराठी प्राइड की तो बात हीं होगी ना? साथ ही उन्होंने कहा कि मैं मराठी के साथ-साथ हिंदी और देश के सभी भाषाओं का सम्मान करता हूं.
जो घोटाले का आरोप लगाते हैं, उन्हीं के साथ हूं, अजित पवार के इस बयान पर क्या बोले देवेंद्र फडणवीस
देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार के इस आरोप पर कहा कि मैं अपने केवल मुंबई में ठाकरे ब्रदर्स का जवाब देता हूं. हलांकि, मुंबई के बाहर तो में ना तो सहोगियों के खिलाफ और ना हीं विपक्ष के खिलाफ बोला है. बता दें अजित पवार ने ये टिप्पणी मुंबई के बाहर कमेंट किया उनकी बयानबाजी पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में होती है.’ उन्होंने इस सवाल के जवाब कि क्या अजित का दिल आपके साथ नहीं है? इसपर उन्होंने हंसते हुए कहा कि अजित दादा बहुतों का दिल तोड़कर यहां आए हैं और उनका दिल यहीं पर है, हमारे साथ है. उनके खिलाफ मैं
खुशी है कि ठाकरे बंधु एक साथ आए- देवेंद्र फडणवीस
देवेंद्र फडणवीस ने इस सवाल पर कि क्या उनकी वजह से ठाकरे बंधु नगर निकाय चुनाव में एकसाथ आए हैं? इस सवाल पर मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा कि अगर मेरी वजह से दोनों भाई इतने साल के बाद एकसाथ आए हैं, तो अच्छी बात है. मुझे खुशी है कि दोनों भाई बाला साहेब ठाकरे की लेगेसी बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं. हालांकि, याद दिला दें कि बाला साहेब की ठाकरे की लेगेसी तो हमारे सहयोगी एकनाथ शिंदे हैं और हमने साथ मिलकर लोकसभा और विधानसभा का चुनाव जीते.
अकोट में भाजपा-ओवैसी गठबंधन पर क्या बोले फडणवीस?
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अकोट में भाजपा-एआईएमआईएम गठबंधन पर कहा, ‘अकोट बहुत छोटी जगह है. यहां मात्र 17 हजार वोटर हैं. यहां पर हमारे नगर अध्यक्ष चुने गए हैं. नीचे में यानी कि दक्षिण महाराष्ट्र में हमारी मेजॉरिटी नहीं थी. इसलिए हमने अजित गुट वाली एनसीपी के साथ अलांयस किया. हमें पता नहीं था कि एनसीपी ने ऑलरेडी एमआईएम के साथ अलांयस किया हुआ है. जैसे ही एनसीपी के साथ हमारा अलायंस हुआ, टेक्नीकली ओवैसी की पार्टी भी भी हमारे अलांयस पार्टनर बन गए. बड़ा हो हल्ला हुआ. यह बहुत छोटी सी जगह है. यह बात हमारे तक पहुंचती भी नहीं. जैसे ही हमें पता चला हम उस अलांयस से बाहर निकल गए. हम अपने वहां के एमएलए को सस्पेंशन का नोटिस भेज दिया.’
मुख्यमंत्री ने इंटरव्यू के दौरान मुंबई को अगले 7 वर्षों में ‘स्लम फ्री’ (झुग्गी मुक्त) बनाने का विजन पेश करते हुए धारावी पुनर्विकास परियोजना को गेमचेंजर बताया. उन्होंने उद्धव ठाकरे को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा कि जो लोग मराठी अस्मिता का ढोंग कर रहे हैं, वे आज ‘वंदे मातरम’ कहने से भी कतराते हैं, जबकि महायुति विकास और विरासत के संगम के साथ चुनाव लड़ रही है. फडणवीस ने स्पष्ट किया कि 68 उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना इस बात का प्रमाण है कि राज्य की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और महायुति के सुशासन पर अपनी मुहर लगा दी है.














