Somnath Temple : रविवार को पीएम मोदी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह समय का चक्र है, वे कट्टरपंथी आतातायी अब इतिहास के पन्नों में सिमट गए हैं लेकिन सोमनाथ मंदिर आज भी शान से खड़ा है. आजादी के बाद जब सरदार पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की शपथ ली, तो उनके रास्ते में बाधाएं खड़ी की गईं.

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यहां 1,000 छात्रों द्वारा लगातार 72 घंटे तक ‘ओंकार’ मंत्रोच्चार किया गया. हमारे पूर्वजों ने 1,000 साल पहले सोमनाथ मंदिर के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी. आक्रमणकारियों ने सोचा कि उन्होंने मंदिर को नष्ट करके जीत हासिल कर ली, लेकिन 1000 साल बाद भी सोमनाथ का झंडा शान से लहरा रहा है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत के अस्तित्व और गौरव का प्रतीक है. सोमनाथ की कहानी भारत की कहानी है. विदेशी आक्रमणकारियों ने इस मंदिर की तरह कई बार भारत को नष्ट करने की कोशिश की, लेकिन वे असफल रहे. उन्होंने कहा कि सोमनाथ का इतिहास विनाश और हार का नहीं, बल्कि विजय और पुनर्निर्माण की गाथा है.

मृत्यु पर विजय पाने वाले हैं शिव : पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि गजनी से लेकर औरंगजेब तक जब-जब सोमनाथ पर आक्रमण हुए, तब आक्रांताओं को लगा कि उनकी तलवार सनातन सोमनाथ को पराजित कर देगी. ऐसे धार्मिक कट्टरपंथी यह भूल गए कि सोमनाथ के नाम में ही ‘अमृत’ है. यह ऊर्जा का स्रोत है. सोमनाथ में विराजमान महादेव का एक नाम ‘मृत्युंजय’ भी है, यानी मृत्यु पर विजय पाने वाले, मृत्यु के ही स्वरूप पर विजय पाने वाले. यह पूरा ब्रह्मांड उन्हीं से उत्पन्न होता है और उन्हीं में विलीन हो जाता है. हम मानते हैं कि शिव हर जगह हैं. हम तो हर प्राणी में शिव को देखते हैं. हमारी आस्था को कौन डिगा सकता है?

रिकॉर्ड तोड़ भीड़ पहुंची ड्रोन शो को देखने

सोमनाथ मंदिर परिसर में आतिशबाजी, भव्य सजावट और ड्रोन शो को देखने के लिए हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बावजूद रिकॉर्ड तोड़ भीड़ पहुंची. मोदी ने शनिवार शाम को सोमनाथ मंदिर में ‘ओंकार मंत्र’ के उच्चारण में भाग लिया. उन्होंने मंदिर के दर्शन किए और 3,000 ड्रोन के एक भव्य ड्रोन शो देखा. रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री सोमनाथ मंदिर में आरती की. इसका वीडियो और फोटो सामने आया है.

शौर्य यात्रा का नेतृत्व पीएम मोदी ने किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘शौर्य यात्रा’ का नेतृत्व किया. यह गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वालों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक औपचारिक शोभा यात्रा है. सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आयोजित इस यात्रा में 108 अश्वों की झांकी निकाली गई जो वीरता और बलिदान का प्रतीक है.

विशेष रूप से डिजाइन किए गए गाड़ी पर नजर आए पीएम मोदी

प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए यात्रा मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग और श्रद्धालु जमा हुए थे. पीएम मोदी ने वहां पहुंचे लोगों का अभिवादन भी किया. प्रधानमंत्री ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ विशेष रूप से डिजाइन किए गए गाड़ी पर खड़े होकर एक किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान जनता का हाथ हिलाकर अभिवादन किया जिससे लोग उत्साहित नजर आए.

मंदिर की रक्षा के लिए कई लोगों ने बलिदान दिया

इसके बाद, मोदी सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लिया. ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ भारत के उन अनगिनत नागरिकों को याद करने के लिए मनाया जा रहा है, जिन्होंने मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिया. यह पर्व आने वाली पीढ़ियों की सांस्कृतिक चेतना को प्रेरित करता रहेगा. महमूद गजनी ने करीब एक हजार साल पहले 1026 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था और इस दौरान अपना जीवन कुर्बान करने वालों की याद में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है.

मंदिर को नष्ट करने के कई बार प्रयास किए गए

पीआईबी ने एक बयान जारी किया है. इसके अनुसार सदियों पहले इस मंदिर को नष्ट करने के कई बार प्रयास किए जाने के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज विश्वास, साहस और राष्ट्रीय गर्व के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में खड़ा है. यह सब इसे इसकी प्राचीन महिमा में बहाल करने के सामूहिक संकल्प और प्रयासों के कारण संभव हुआ है.

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