What's Hot

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत और जर्मनी के रिश्तों को नई मजबूती मिलने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ सोमवार को अहमदाबाद में व्यापक और अहम बातचीत करेंगे. इस बातचीत का फोकस व्यापार, निवेश, रक्षा, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर रहेगा.

फ्रेडरिक मर्ज़ की 12–13 जनवरी की भारत यात्रा जर्मन चांसलर बनने के बाद पहली एशिया यात्रा है. यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब दुनिया में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं. अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए दिखाई गई सैन्य सख्ती, यूक्रेन युद्ध और वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव जैसे मुद्दे बातचीत के केंद्र में रहने की संभावना है.

सूत्रों के मुताबिक, मोदी और मर्ज़ यूक्रेन में शांति की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श कर सकते हैं. भारत लगातार कूटनीतिक समाधान और संवाद की वकालत करता रहा है, ऐसे में यह मुद्दा अहम माना जा रहा है.

अमेरिका के टैरिफ और यूरोप की ओर भारत का झुकाव

बैठक में व्यापार और निवेश पर खास जोर रहेगा. अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत यूरोप के साथ आर्थिक साझेदारी को और गहरा करना चाहता है. इसी सिलसिले में जर्मनी के साथ आर्थिक सहयोग को रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है.

जर्मनी, यूरोपीय संघ में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. वर्ष 2024-25 में भारत-जर्मनी के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 51.23 अरब डॉलर तक पहुंच गया. यह भारत के कुल ईयू व्यापार का लगभग 25 प्रतिशत है.

सेवा क्षेत्र में भी तेज बढ़त दर्ज की गई है. वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-जर्मनी सेवाओं का व्यापार 12.5 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 16.65 अरब डॉलर तक पहुंच गया.

निवेश, उद्योग और ‘मेक इन इंडिया’

जर्मनी भारत में नौवां सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है. अप्रैल 2000 से जून 2025 तक भारत में जर्मनी से कुल 15.40 अरब डॉलर का एफडीआई आया है. फिलहाल भारत में 2000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां काम कर रही हैं.

डिफेंस डील पर भी नजर

रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी बातचीत का अहम हिस्सा होगा. निर्यात नियंत्रण नियमों में ढील और तेज मंजूरी प्रक्रिया के बाद जर्मनी से भारत को रक्षा निर्यात में बढ़ोतरी हुई है.

इस बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि मर्ज़ की इस यात्रा के दौरान भारत और जर्मनी के बीच छह स्टेल्थ सबमरीन की आपूर्ति को लेकर अंतर-सरकारी समझौता (G2G) अंतिम रूप ले सकता है.

जर्मनी की प्रमुख रक्षा कंपनी ThyssenKrupp Marine Systems (TKMS) और भारत की मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), रक्षा मंत्रालय के साथ करीब 5 अरब यूरो की इस डील पर मूल्य बातचीत कर रही हैं. इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है.

आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा और तकनीक

भारत और जर्मनी के बीच काउंटर टेररिज्म पर संयुक्त कार्य समूह पहले से सक्रिय है. जर्मनी, भारत के इंटीग्रेटेड फ्यूजन सेंटर–इंडियन ओशन रीजन (IFC-IOR) में अपना नौसेना संपर्क अधिकारी तैनात करने जा रहा है, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग मजबूत होगा.

इसके अलावा शिक्षा, ऊर्जा, कौशल विकास, संस्कृति, लोगों के बीच संपर्क और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी रिश्ते लगातार विस्तार ले रहे हैं.

ग्रीन हाइड्रोजन और भविष्य की तकनीक पर बात

वर्ष 2024 में दोनों देशों ने इंडो-जर्मन ग्रीन हाइड्रोजन रोडमैप लॉन्च किया था, जिसका उद्देश्य भारत की ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन, उपयोग और निर्यात की महत्वाकांक्षा को समर्थन देना है. सूत्रों के मुताबिक, क्रिटिकल और उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर भी मोदी–मर्ज़ बातचीत में खास जोर रहेगा.

अहमदाबाद से बेंगलुरु तक कार्यक्रम

प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के अलावा फ्रेडरिक मर्ज़ साबरमती आश्रम जाएंगे, जहां पतंग महोत्सव में हिस्सा लेंगे और स्किल डेवलपमेंट इवेंट में शामिल होंगे. अहमदाबाद के कार्यक्रमों के बाद मर्ज़ बेंगलुरु का दौरा करेंगे.

रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे

भारत और जर्मनी ने वर्ष 2000 में 21वीं सदी के लिए रणनीतिक एजेंडा तय किया था. पिछले साल यह रणनीतिक साझेदारी 25 साल पूरी कर चुकी है. मौजूदा हालात में यह यात्रा और बातचीत दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है.

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930