पुणे की रहने वाली रेसर डायना पुंडोले ने अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में फरारी कार चलाकर इतिहास रचा। उन्होंने दो इतिहास बनाए। पहला फरारी रेस में हिस्सा लेने वाली वह पहली भारतीय महिला बनीं। दूसरा फरारी रेस में जीतने वाली वह पहली महिला हैं।

पुणे के रहने वाली 32 वर्षीय डायना पुंडोले इन दिनों खूब चर्चा में हैं। डायना पुंडोले ने फरारी क्लब चैलेंज मिडिल ईस्ट में फरारी 296 चैलेंज कार चलाई। यह चैंपियनशिप नवंबर 2025 से शुरू हुई। भारतीय रेसर डायना पुंडोले दिग्गज इतालवी ब्रांड फरारी की अत्याधुनिक, ट्रैक-केंद्रित मशीन फरारी 296 चैलेंज चला रही हैं। अपने रेसिंग अभियान के तहत, वह दुबई, अबू धाबी, बहरीन, कतर और सऊदी अरब सहित मध्य पूर्व के कुछ सबसे प्रतिष्ठित फॉर्मूला वन सर्किटों पर प्रतिस्पर्धा करेंगी।

डायना पुंडोले आईटीसी ग्रैंड चोला में आयोजित एमआरएफ राष्ट्रीय चैम्पियनशिप वार्षिक पुरस्कार समारोह में प्रथम भारतीय महिला राष्ट्रीय चैंपियन बनीं। जीत के बाद जब डायना नंबर वन पोजिशन पर खड़ी हुईं और पुरुष दूसरे, तीसरे स्थान पर खड़े होकर उनसे नीचे नजर आए तो हर भारतीय महिला का सिर गर्व से ऊंचा हो गया। डायना ने कहा कि मैं यह ट्रॉफी न केवल अपने लिए बल्कि अपने अद्भुत सहयोग, समर्पित टीम और प्यारे दोस्तों और परिवार के लिए भी गर्व से स्वीकार करती हूं। आपके अटूट विश्वास ने मुझे इस जीत तक पहुंचाया! चैम्पियनशिप के आयोजकों और प्रायोजकों को इतने शानदार मंच के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। यह पुरस्कार मेरे भीतर सीमाओं को पार करने और नई ऊंचाइयों को छूने के दृढ़ संकल्प को और भी मजबूत करता है! आगे और भी जीत की कामना करती हूं!

डायना पुंडोले का जन्म 15 अगस्त 1993 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। वह भारतीय मोटर स्पोर्ट्स के इतिहास में राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं, जहां महिला रेसिंग ड्राइवर पुरुष ड्राइवरों के साथ समान स्तर पर प्रतिस्पर्धा करती हैं। उन्होंने 18 अगस्त 2024 को चेन्नई के पास मद्रास इंटरनेशनल सर्किट में मद्रास मोटर स्पोर्ट्स क्लब के आयोजित MRF MMSC FMSCE Indian National car racing championship 2024 में सैलून कार वर्ग में राष्ट्रीय खिताब जीता।

डायना पुंडोले एक पारसी (ज़ोरोस्ट्रियन) परिवार से आती हैं। उनकी धार्मिक पृष्ठभूमि ज़ोरोस्ट्रियन धर्म है, जो एक प्राचीन फ़ारसी धर्म है और अहूरा मज़्दा की एकेश्वरवादी पूजा पर केंद्रित है। डायना ने 2015 में अंग्रेजी सब्जेट से एमए किया है।

डायना ने बताया कि उनके पिता रेसिंग के बहुत बड़े फैन थे। वह उनके साथ टीवी पर रेस देखती थीं। धीरे-धीरे उनकी रुचि बढ़ती गई और पिता ने उन्हें प्रेरित किया। डायना कहती हैं कि मेरे पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। लेकिन मोटरस्पोर्ट के प्रति उनका प्यार और रेसिंग के प्रति उनका जुनून हमेशा मुझे ट्रैक पर अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करता रहा है। मुझे लगता है कि जब मैं ड्राइव करती हूं तो मेरे पिता, मेरे साथ होते हैं।

डायना पुंडोले पेशे से एक टीचर थीं। उनके दो बच्चे हैं। उनके रेसिंग का जुनून 2017 में शुरू हुआ, जब उन्होंने रेस में हिस्सा लिया। 150 महिलाओं को पीछे छोड़कर वह फर्स्ट आईं। यहां से उनकी जर्नी कार रेस की तरफ तेजी से भागी। यहां से उन्हें लगा कि टीचिंग उनके लिए नहीं है। वह रेसिंग के लिए बनी हैं।

डायना कहती हैं कि एक महिला होने के नाते कार रेसिंग उनके लिए आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वह पुरुषों को पीछे करके तेजी से आगे निकलती हैं तो पुरुषों का ईगो हर्ट होता है। वह डर्टी ट्रिक्स यूज करने लगते हैं। वे मुझे बुलिंग करते हैं। क्रैश करते हैं। मुझे डायवर्ट करते हैं, गुस्सा दिलाते हैं लेकिन मैं अपना सारा ध्यान सिर्फ रेसिंग पर लगाती हूं।

भारतीय मोटरस्पोर्ट्स चैंपियन डायना पुंडोले की शादी सौरभ पुंडोले से हुई है। डायना पुंडोले और सौरभ पुंडोले के दो बच्चे हैं। डायना ने कहा कि उनके पिता की तरह उनके पति सौरभ ने भी हमेशा उन्हें रेसिंग करियर के लिए प्रेरित किया। उन्होंने हमेशा उनका साथ दिया।

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