नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में वाहन चोर अब न केवल हाईटेक हो गए हैं, बल्कि उनके हौसले भी बुलंद हैं कि वे अब ‘एक तीर से दो शिकार’ की तर्ज पर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। एक बार फिर शाहदरा जिले के कृष्णा नगर इलाके से चोरी का अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां बदमाशों ने एक चोरी की कार का इस्तेमाल कर दूसरी कार चुरा ली। हद तो तब हो गई जब चोरों ने ऑनलाइन ऐप के जरिए मालिक का नंबर पता कर गाड़ी लौटाने के एवज में रकम मांगनी शुरू कर दी।
मामले में ई-एफआईआर तो दर्ज हुई, लेकिन पुलिस ने आरोपियों की तलाश करने में कोई जहमत नहीं उठाई। आखिर में पीड़ित ने खुद ही मेहनत कर सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जिसमें आरोपी कार ले जाते हुए दिखे हैं।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित पंकज जैन कृष्णा नगर की राजगढ़ कॉलोनी में रहते हैं। रविवार की रात उन्होंने अपनी अर्टिगा कार घर के बाहर पार्क की थी। सोमवार तड़के दूसरी कार में सवार होकर आए बदमाशों ने उनकी कार चोरी कर ली। सुबह गाड़ी गायब देख पंकज ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और ऑनलाइन ई-एफआईआर (e-FIR) दर्ज कराई। हैरानी की बात यह रही कि ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के कुछ ही देर बाद उनके पास अज्ञात ठगों का फोन आया। फोन करने वाले ने दावा किया कि उनकी गाड़ी हरियाणा में है। उसने गाड़ी की लोकेशन बताने और उसे वापस करने के नाम पर 20 हजार रुपये एडवांस की मांग की। यह घटना दर्शाती है कि चोर अब केवल गाड़ी नहीं चुरा रहे, बल्कि गाड़ी के दस्तावेजों या ऑनलाइन डेटाबेस से मालिक का नंबर निकालकर उनसे पैसे भी ऐंठ रहे हैं।
पुलिस रही नदारद, पीड़ित ने खुद की जासूसी
पंकज जैन का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची और न ही किसी अधिकारी ने संपर्क किया। पुलिस के ढुलमुल रवैये को देख पीड़ित ने खुद ही जांच शुरू की। उन्होंने गली-गली घूमकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में खुलासा हुआ कि चोर ग्रे रंग की स्विफ्ट कार में आए थे। जांच में पता चला कि यह स्विफ्ट कार भी वारदात से एक दिन पहले कल्याणपुरी इलाके से चोरी की गई थी। सीसीटीवी में बदमाश दोनों गाड़ियां (स्विफ्ट और चोरी की गई अर्टिगा) को आगे-पीछे ले जाते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं।
एएटीएस स्टाफ को सौंपी जांच
जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच जिले के एएटीएस स्टाफ को सौंप दी है। स्टाफ आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है।
पहले भी हो चुकी है ऐसी वारदात
बता दें कि कृष्णा नगर में ऐसी यह दूसरी वारदात है। अगस्त 2025 में एक अस्पताल के बाहर से स्पोर्ट्स बाइक चोरी हुई थी। जिसे लौटाने के बदले में पीड़ित से 15 हजार रुपये मांगे गए थे। इस मामले में आज तक पुलिस ना तो चोर को पकड़ पाई, ना ही बाइक बरामद कर पाई, ना ही रुपये मांगने वालों का सुराग जुटाई पाई। जबकि आरोपी का मोबाइल नंबर चालू था।
घर से 32 तोला सोना और कैश ले गया चाबी वाला
ताले-चाबी वाले को घर बुलाकर लॉकर की चाबी बनवाना कितना घातक हो सकता है, यह केस इस बात का उदाहरण है। दरअसल ताले-चाबी वाले ने लॉकर में रखे 32 तोले सोने और कैश पर हाथ साफ कर दिया। परिवार को चोरी के तीन दिन बाद घटना का पता चला। घटना साउथ-ईस्ट दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके में हुई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर ई-एफआईआर दर्ज कर ली, लेकिन इसके बाद पीड़ित ने खुद आरोपी की सीसीटीवी फुटेज निकालकर पुलिस को दी। आरोपी को निजामुद्दीन इलाके तक ट्रेस किया गया है, लेकिन इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला है। वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि हमारी टीम इस पर काम कर रही है, जल्द आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, रामनिवास भारद्वाज न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी थाने के सराय जुलेना इलाके में रहते हैं। पिछले साल 28 दिसंबर को उन्होंने घर की अलमारी के लॉकर की चाबी बनाने के लिए गली में घूम रहे ताले-चाबी वाले को बुलाया था। आरोप है कि चाबी बनाने के लिए दौरान वह कभी पानी मांग रहा था तो कभी तेल मांग रहा था। इस बीच पीड़ित आरोपी को अलमारी के पास अकेला छोड़ गए थे। बाद में आरोपी चाबी बनाकर वहां से चला गया। 31 दिसंबर को रामनिवास की पत्नी ने लॉकर खोला तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। लॉकर में रखे करीब 32 तोले सोने के जेवर और 20 हजार रुपये गायब थे। उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने छानबीन के बाद मामले में ई-एफआईआर दर्ज कर दी। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने खुद आरोपी की सीसीटीवी फुटेज निकालकर पुलिस को दी। बाद में पुलिस ने निजामुद्दीन के पास की फुटेज निकाली। जहां आरोपी साइकल पर जाते हुए दिख रहा है, लेकिन इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला है।
घर बुलाएं तो बरतें सावधानी
अगर आप भी किसी चाबी वाले को घर बुलाकर चाबी बनवाते हैं तो आपको कई तरह की सावधानी बरतने की जरूरत है। जैसे जब वो आपके घर में हो तो घर का कोई न कोई सदस्य उसके पास रहे और उस पर नजर रखे। वह कोई सामान भी मांगे तो भी उसे वहां अकेला छोड़कर ना जाएं।














