उत्तर प्रदेश – बाराबंकी जिले से एक खौफनाक घटना सामने आई है. यहां एक टीचर ने स्कूल में प्रिंसिपल रूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मामला बाराबंकी जिले के हरख विकासखंड स्थित कंपोजिट विद्यालय उदवापुर का है. शनिवार को हुई इस घटना से आसपास के लोग खौफ में है. सवाल यही है कि महिला टीचर ने आखिर स्कूल में जान क्यों दी. मामला आखिर है क्या.  मृतका टीचर विद्यालय में सहायक अध्यापिका थी. घटना की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया. 

महिला टीचर ने स्कूल में लगाई फांसी

आसपास के गांव वालों को जैसे ही पता चला कि प्रिंसिपल रूम में टीचर का शव फंदे से लटका मिला है, फिर क्या था सभी इकट्ठा होकर मौके पर पहुंच गए. वहीं सतरिख थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मृतक टीचर दो बच्चों की मां थीं और जलालपुर गांव में रहती थी. उसके पति भी शिक्षा विभाग में सिद्धौर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय टेण्ड़वां में सहायक अध्यापक हैं.

स्टाफ पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप

मृतका के पति का आरोप है कि स्कूल स्टाफ पिछले ढाई साल से लगातार उनकी पत्नी को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था. जब वह मन लगाकर बच्चों को पढ़ाती थी तो स्टाफ के लोग टीका-टिप्पणी करते थे. कई बार पूरे स्टाफ ने मिलकर उनके खिलाफ शिकायत की. वह पत्नी के ट्रांसफर के लिए लगातार कोशिश कर रहे थे लेकिन ट्रांसफर नहीं हो सका.

मृतका के पति का आरोप है कि सभी शिक्षकों ने उनकी पत्नी को फंदे पर लटका देखा लेकिन किसी ने उन्हें उतारकर समय पर इलाज के लिए अस्पताल नहीं पहुंचाया. अगर समय पर उनको अस्पताल ले गए होते तो शायद उनकी जान बच जाती. पत्नी से उनकी बात शनिवार को सुबह 10:30 बजे हुई थी.  लेकिन न तो वह परेशान दिख रही थी और न ही उनको ऐसा कुछ भी महसूस हुआ कि वह इतना खौफनाक कदम उठा लेंगी. 

भाई ने मौत को बताया संदिग्ध, जांच की मांग

मृतका के भाई ने बहन की मौत को संदिग्ध बताते हुए जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि जिस प्रिंसिपल रूम में उसने फांसी लगाई उसका दरवाजा अंदर से बंद नहीं था. पहले स्टाफ ने वहां की सभी चीजों को ठीक किया उसके बाद पुलिस को बुलाया गया. भाई ने मुख्य रूप से सहायक अध्यापक सुशील वर्मा और इंचार्ज सीतावती, जया और अर्चना पर उनकी बहन को परेशान करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इन टीचर्स को बच्चों से पढ़ाने से कोई मतलब नहीं था, जबकि उनकी बहन लगातार मन से पढ़ाती थीं और बच्चे अच्छा कर रहे थे. इस बात से पूरा स्टाफ नाखुश था. वह टीका-टिप्पणी करता था कि ‘बड़ी पढ़ाने वाली हैं, इनको अवॉर्ड चाहिए. एक-दो बार जब परिवार ने उसको परेशान देखा तो पूछा लेकिन वह टाल देती थी.

इस मामले को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक ने बहुत ही दुखद बताते हुए कहा कि पुलिस जांच कर रही है. जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
January 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031