What's Hot

Ram Mandir Pran Pratishtha Diwas 2026: रामलला प्रतिष्ठा दिवस 22 जनवरी 2026 को अयोध्या में श्रद्धा से मनाया जाएगा. गुरु तत्व, सूर्य उत्तरायण और शुभ योग के संयोग से यह दिन अत्यंत पावन है.

रामलला प्रतिष्ठा दिवस गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा. यह दिन अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर में रामलला प्राण प्रतिष्ठा की तीसरी वर्षगांठ का प्रतीक है.

गुरुवार और गुरु तत्व का विशेष महत्व

वर्ष 2026 में रामलला प्रतिष्ठा दिवस गुरुवार को पड़ रहा है, जिसे शास्त्रों में गुरु तत्व से जोड़ा गया है. गुरु ज्ञान, धर्म, मर्यादा और सद्बुद्धि के प्रतीक माने जाते हैं. हिंदू धर्मग्रंथ रामायण के अनुसार भगवान श्रीराम स्वयं धर्म और आदर्श जीवन के प्रतीक माने जाते हैं. गुरुवार को उनका प्रतिष्ठा दिवस पड़ना इसे और भी पवित्र और स्पिरिचुअल बना देता है.

शुभ योग, संवत और सूर्य उत्तरायण का संयोग

यह दिन हिंदू कैलेंडर विक्रम संवत 2080 के अनुसार भी अत्यंत शुभ माना जा रहा है. मकर संक्रांति के बाद सूर्य उत्तरायण में होते हैं, जिसे प्रकाश, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. गुरु तत्व, उत्तरायण सूर्य और शुभ संवत – इन तीनों का संयोग रामलला प्रतिष्ठा दिवस को अत्यंत पुण्यदायी और मंगलकारी बनाता है.

रामलला प्रतिष्ठा दिवस क्यों है इतना खास?

रामलला प्रतिष्ठा दिवस को लोग भव्य पर्व के रूप में मनाते हैं. इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन, रामकथा पाठ, शोभायात्राएं और सामुदायिक आयोजन होते हैं. घरों और मंदिरों में दीप जलाए जाते हैं, दान-पुण्य और अन्नदान किया जाता है.

माघ मास और आध्यात्मिक ऊर्जा

माघ मास में आने वाला यह पर्व सनातन धर्म में तप, पुण्य और साधना का महीना माना जाता है. मकर संक्रांति हो या मौनी अमावस्या दोनों दिन लोग गरीबों और अन्य जरूरतमंदों को दान करते हैं. ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण होने से आत्मविश्वास, तेज और धर्म की शक्ति बढ़ती है. इसी कारण रामलला प्रतिष्ठा दिवस को धर्म, सद्भाव और आस्था के महायोग के रूप में देखा जाता है.

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930