Rajasthan News: जोधपुर में मनरेगा मुद्दे पर युवा कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान विधायक अभिमन्यु पूनिया ने SDM के सामने ज्ञापन फाड़ दिया. जिससे कलेक्ट्रेट परिसर में तनाव और प्रशासन-कांग्रेस टकराव बढ़ गया.
जोधपुर में मनरेगा श्रमिकों के अधिकारों को लेकर युवा कांग्रेस की पदयात्रा ने विवाद का रूप ले लिया. विधायक अभिमन्यु पूनिया ने प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये से नाराज होकर ज्ञापन के कागज ही फाड़ डाले और एसडीएम के सामने हवा में उछाल दिए.
जानकारी के अनुसार, यह नाटकीय घटना कलेक्ट्रेट परिसर में तनाव का कारण बन गई. या यूं कहा जाए कि यह हाई प्रोफाइल ड्रामा चलता रहा.
क्या है पूरा मामला?
युवा कांग्रेस की ‘मनरेगा बचाव महासंग्राम’ यात्रा सोजती गेट से निकलकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंची. नेताओं ने कलेक्टर और अतिरिक्त कलेक्टर को बाहर आकर ज्ञापन लेने का अनुरोध किया. प्रशासन की ओर से एसडीएम पंकज जैन मौके पर आए और ज्ञापन लेने को तैयार हुए, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने जिद की कि वे गेट के बाहर आम कार्यकर्ताओं के बीच आकर लें.
इसी बहस के बीच विधायक अभिमन्यु पूनिया ने आग बबूला होकर ज्ञापन के पन्ने फाड़ दिए और एसडीएम की ओर उछाल दिए. इस दौरान उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए नारेबाजी की.
आम जनता से दूर रहता है प्रशासन- विधायक
विधायक अभिमन्यु पूनिया ने कहा, “जब जिला कलेक्टर और अतिरिक्त कलेक्टर जनप्रतिनिधियों का ज्ञापन लेने बाहर नहीं आते, तो आम जनता की समस्या कौन सुनेगा?” उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच की इस दूरी के कारण यह कदम उठाना पड़ा. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मनरेगा श्रमिकों के हक की रक्षा नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
कौन थे मौके पर?
इस प्रदर्शन में पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी, भोपालगढ़ विधायक गीता बरवड़ और अन्य कांग्रेसी नेता भी मौजूद थे. ज्ञापन फाड़े जाने के बाद कलेक्टर कार्यालय परिसर में कुछ देर तनाव का माहौल रहा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस से भी बहस की.
गौरतलब है कि जनप्रतिनिधियों व राजनेताओं के द्वारा विरोध में निकल जाने वाली रैली धरना प्रदर्शन के दौरान कई बार तनाव की स्थिति बन जाती है. लेकिन जोधपुर में जनप्रतिनिधि के द्वारा एसडीएम को ज्ञापन हाथ में न देकर उनके सामने फाड़ कर हवा में उछाल देने की हरकत ने जोधपुर की अपनायत को शर्मसार किया है.














