इंदौर: कानून की रखवाली करने वाली पुलिस की छवि अब सवालों के घेरे में है। ब्राउन शुगर के झूठे आरोप में फंसाए गए गंभीर रूप से बीमार युवक की जिला जेल में मौत के बाद सामने आए गंभीर आरोपों ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है। परिवार का कहना है कि युवक को बिना एफआईआर घर से उठाया गया, अवैध वसूली की गई और बाद में एक सोची-समझी साजिश के तहत झूठे एनडीपीएस केस में फंसाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला न्यायालय ने एमआईजी थाने के नौ पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच का आदेश दे दिया है।

टीबी का मरीज था पीड़ित

दरअसल, मामला 15 नवंबर 2024 का है। आरोप है कि इंदौर पुलिस ने अजय सोनी नामक युवक को उसके घर से जबरन उठाया। अजय टीबी का मरीज था और उसका वजन तेजी से घटकर लगभग 30 किलो रह गया था। उसकी बहन राधिका सोनी ने 23 मई 2025 को पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी थी। शिकायत में एमआईजी थाने के नौ पुलिसकर्मियों पर भारतीय दंड संहिता और एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए।

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद आया था घर

पीड़िता ने बताया कि अजय को सरकारी टीबी अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद परिवार उसकी देखभाल कर रहा था। लेकिन 15 नवंबर 2024 को एमआईजी थाने के छह पुलिसकर्मी जिनमें प्रवीण सिंह अपने साथ एक युवक पोलार्ड को लेकर राधिका के घर पहुंचा। आरोप है कि उन्होंने बिना एफआईआर के घर में जबरन घुसकर तलाशी ली और अजय को अपने साथ ले गए। परिवार ने अजय की गंभीर बीमारी की जानकारी दी लेकिन पुलिस ने एक न सुनी। इस दौरान अजय के पिता की एक्टिवा भी पुलिस ने अपने साथ ले गई।

अवैध वसूली का आरोप

पुलिस पर अवैध वसूली का भी आरोप है। बताया गया कि प्रवीण सिंह ने 40 हजार रुपए की मांग की जबकि परिवार ने 25 हजार देकर केवल एक्टिवा छुड़ाई। इसके बाद अजय को दिनभर थाने में रखा गया। रात को पुलिस ने अजय को सिंगापुर बिजनेस बिल्डिंग के पीछे 9.10 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ पकड़ने का झूठा दृश्य रचा। इसके लिए सभी नौ पुलिसकर्मी आरक्षक, प्रधान आरक्षक, चालक और सब-इंस्पेक्टर झूठे गवाह बनाए गए।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31