मणिपुर में शांति की उम्मीदों के बीच एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कुकी बहुल चुराचंदपुर जिले के एक गांव में मैतेई समुदाय के एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक पिछले एक महीने से अपनी पत्नी के साथ उसी गांव में रह रहा था, जो कुकी समुदाय की थी। आरोपियों ने हत्या का वीडियो बनाकर उसे वायरल किया, जिसमें पीड़ित हाथ जोड़कर अपनी जान की भीख मांगता दिखाई दे रहा है।इस घटना ने राज्य में फिर से डर, गुस्सा और राजनीतिक अस्थिरता की आशंका बढ़ा दी है और सुरक्षा की गारंटी पर कड़े सवाल खड़े किए है।
पत्नी के साथ गांव में रह रहा था युवक
पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान 28 वर्षीय मयांगलांबम ऋषिकांत सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मणिपुर के काकचिंग खुनू इलाके का रहने वाला था। वह नेपाल में काम करता था और छुट्टी पर आया हुआ था। ऋषिकांत अपनी पत्नी चिंगनु हाओकिप के साथ चुराचंदपुर जिले के नाथजंग गांव में रह रहा था, जो कुकी समुदाय से हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार शाम करीब 7 से 7:30 बजे के बीच कुछ हथियारबंद लोग गांव में आए और ऋषिकांत को अपने साथ ले गए। इसके कुछ ही देर बाद ही ऋषिकांत की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रात करीब 1:30 बजे पुलिस को उसका शव मिला, जिसे अस्पताल लाया गया।
संदेश के साथ वायरल वीडियो
ऋषिकांत की हत्या का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह वीडियो करीब एक मिनट से ज्यादा लंबा है, जिसमें मृतक अंधेरे में खुले मैदान में घुटनों के बल बैठा दिखाई देता है। उसके हाथ जुड़े हुए हैं और वह सामने खड़े लोगों से रहम की भीख मांग रहा है। हालांकि, इस वीडियो में कोई आवाज सुनाई नहीं देती है, लेकिन अचानक गोलियां चलती हैं और ऋषिकांत जमीन पर गिर पड़ता है।
“शांति नहीं तो जनवादी सरकार नहीं”
इस वीडियो को एक संदेश के साथ वायरल किया जाता है। संदेश में “शांति नहीं तो जनवादी सरकार नहीं” लिखा होता है, जो सीधे तौर पर राज्य में सरकार गठन की चल रही चर्चाओं की ओर इशारा करता है। पुलिस के अनुसार, इस घटना का मकसद माहौल बिगाड़ना और लोगों को भड़काना हो सकता है।
विद्रोही संगठनों ने झाड़ा पल्ला
चुराचंदपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) गौरव डोगरा ने बताया कि फिलहाल आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई है और जांच जारी है। साथ ही, कुकी विद्रोही समूहों के छत्र संगठन कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (KNO) ने इस घटना से अपना पल्ला झाड़ लिया है और घटना से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है। संगठन ने कहा कि उन्हें न तो युवक के इस क्षेत्र में आने की जानकारी थी और न ही वे इस हत्या में शामिल हैं।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को फरवरी में एक साल पूरा होने वाला है। साथ ही, नई लोकप्रिय सरकार के गठन को लेकर बातचीत चल रही है। ऐसे समय में यह हत्या राज्य की शांति और भरोसे पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। मई 2023 की हिंसा के बाद पहली बार इस तरह की घटना ने दोनों समुदायों के बीच तनाव को फिर से हवा दे दी है।














