भुवनेश्वर: ओडिशा के ढेंकनाल में पादरी पर कथित तौर पर भीड़ द्वारा हमले के मामले में पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है। यह घटना 4 जनवरी को हुई थी। पादरी पर जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाया गया था। पादरी की पत्नी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पत्नी ने यह भी आरोप लगाया था कि घटना के बाद पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
करीब 15-20 लोगों ने किया था हमला
शिकायत के अनुसार, करीब 15-20 लोगों की भीड़ ने पादरी पर तब हमला किया, जब वह एक घर में प्रार्थना कर रहे थे। भीड़ ने पादरी के चेहरे पर सिंदूर लगाया, उन्हें जूतों की माला पहनाई और पूरे गांव में घुमाया। आरोप है कि भीड़ ने पादरी को नाली का पानी पिलाने और मंदिर में झुकने के लिए मजबूर किया। भीड़ का कहना था कि पादरी जबरन धर्मांतरण में शामिल थे।
13 जनवरी को दर्ज की गई एफआईआर
पत्नी ने बताया कि पादरी को उस घर में एक व्यक्ति ने स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने के लिए बुलाया था। उन्होंने यह भी कहा कि धर्मांतरण के आरोप झूठे थे। शिकायत में यह भी कहा गया कि पुलिस घटना स्थल पर काफी देर से पहुंची। पादरी की पत्नी ने 4 जनवरी को ही पारजंग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कई दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने एसपी से संपर्क किया। 13 जनवरी को एफआईआर दर्ज की गई। एसपी अभिनव सोनकर ने बताया कि चार संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और आगे की जांच जारी है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए इस घटना को ‘एक नया निम्न स्तर’ बताया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पादरी को गाय का गोबर खाने के लिए मजबूर किया गया था। वहीं, एसपी अभिनव सोनकर ने कहा कि ऐसी कोई शिकायत नहीं है।














