जांजगीर-चांपा के पामगढ़ के स्वामी आत्मानंद स्कूल में आज मध्यान भोजन (लंच) के बाद कई बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों ने पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), पामगढ़ में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।
127 बच्चों ने किया मध्यान भोजन
स्कूल प्रिंसिपल के अनुसार, आज कुल 127 बच्चों ने मध्यान भोजन लिया था, जिनमें से 12 बच्चे बीमार पड़े। बच्चों ने बताया कि आज भोजन में पत्तागोभी की सब्जी और अचार परोसा गया था। इसके बाद अचानक कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई। घटना की जानकारी मिलते ही ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO), ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO), फूड इंस्पेक्टर, एसडीएम और स्थानीय जनप्रतिनिधि तुरंत स्कूल पहुंचे। बच्चों को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति स्थिर है और उन्हें आवश्यक देखभाल प्रदान की जा रही है। फूड इंस्पेक्टर ने बताया कि स्कूल में परोसे गए मध्यान भोजन की खाद्य सामग्री के नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने में 2–3 दिन का समय लग सकता है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने का कारण फूड प्वाइजनिंग या किसी अन्य वजह से हुआ है।
रसोई और भोजन वितरण प्रणाली की भी जांच शुरू
स्थानीय प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल की रसोई और भोजन वितरण प्रणाली की भी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने फूड प्वाइजनिंग की संभावित वजहों की जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बच्चों के अभिभावकों से भी मिले और उन्हें स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी दी। प्रशासन ने माता-पिता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। साथ ही, उन्होंने बताया कि बच्चों को अस्पताल में पूर्ण देखभाल मिल रही है और जल्द ही वे ठीक हो जाएंगे।
शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार स्कूल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपस्थित रहकर बच्चों की स्थिति पर नजर रख रही है। अधिकारियों ने कहा कि जांच के परिणाम आने के बाद दोषी प्रक्रिया में शामिल किसी भी पक्ष के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने स्कूलों में मध्यान भोजन की गुणवत्ता और बच्चों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुधार और निगरानी बढ़ाई जाएगी।














