अजित पवार के विमान हादसे में निधन से धनंजय मुंडे टूट गए हैं. उन्होंने अपने मार्गदर्शक को पिता समान बताते हुए गहरा दुख जताया. हादसे ने महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर दिया है.
महाराष्ट्र की राजनीति को आज ऐसा झटका लगा है, जिसे लंबे समय तक भरा नहीं जा सकेगा. उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार की असामयिक मौत ने पूरे राज्य को शोक में डुबो दिया है. बारामती के पास हुए भीषण विमान हादसे में उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है. इस खबर के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक में गहरा दुख और सन्नाटा पसर गया.
रोने लगे धनंजय मुंडे
इस हादसे के बाद सबसे ज्यादा टूटे नजर आए अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेता धनंजय मुंडे. मुंडे सार्वजनिक तौर पर रोते हुए दिखे. उन्होंने कहा कि अजित पवार उनके लिए सिर्फ नेता नहीं, बल्कि पिता समान थे.
उन्होंने राजनीति में हर कदम पर मार्गदर्शन दिया और मुश्किल समय में हमेशा साथ खड़े रहे. मुंडे का कहना था कि यह निजी क्षति है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है.
धनंजय मुंडे को ओबीसी-मराठा समीकरण का मजबूत चेहरा माना जाता है और वे अजित पवार के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते थे. दोनों की जोड़ी ने कई चुनावी और राजनीतिक लड़ाइयां साथ लड़ी थीं. अजित पवार के जाने से यह समीकरण भी कमजोर पड़ता दिख रहा है, जिसका असर आने वाले समय में साफ नजर आ सकता है.
एकीकरण की चर्चाओं के बीच हादसा
यह हादसा ऐसे वक्त हुआ है, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दो गुटों के बीच फिर से एकजुट होने की चर्चाएं जोरों पर थीं. माना जा रहा था कि अजित पवार इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाने वाले थे. अब उनके निधन से न सिर्फ यह चर्चाएं थम सकती हैं, बल्कि पार्टी की आगे की दिशा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.
अजित पवार की मौत ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया है. समर्थक, कार्यकर्ता और आम लोग भावुक हैं. सियासत में उनके कद, उनकी पकड़ और उनकी शैली को लंबे समय तक याद किया जाएगा.














