जोधपुर: राजस्थान की साध्वी प्रेम बाईसा का निधन हो गया है। उन्हें आरती नगर स्थित उनके आश्रम से प्रेक्षा अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना शास्त्री नगर थानाप्रभारी जुल्फिकार अली को फोन के माध्यम से दी गई। साध्वी के निधन की खबर से संत समाज और उनके अनुयायियों में शोक की लहर फैल गई है।
साध्वी प्रेम बाईसा के निधन से कुछ समय पहले उनका एक पोस्ट इंस्टाग्राम पर सामने आया, जिसे सुसाइड नोट के रूप में देखा जा रहा है। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उन्होंने अपने जीवन का हर क्षण सनातन धर्म के प्रचार में जिया। उन्होंने सभी संतों को प्रणाम करते हुए लिखा कि सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं है और अंतिम सांस तक उनके हृदय में सनातन ही रहा। पोस्ट में उन्होंने आदि जगतगुरु शंकराचार्य, विश्व योग गुरुओं और संत महात्माओं के आशीर्वाद का उल्लेख किया।
साध्वी ने अपने संदेश में यह भी लिखा कि उन्होंने आदि गुरु शंकराचार्य और देश के कई महान संतों को लिखित पत्र भेजकर अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया था, लेकिन प्रकृति को कुछ और ही मंजूर था। उन्होंने ईश्वर और संत महात्माओं पर पूर्ण विश्वास जताते हुए लिखा कि उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा, चाहे जीवन में नहीं तो मृत्यु के बाद।
पिछले साल वायरल वीडियो से आई थीं चर्चा में
साध्वी प्रेम बाईसा पिछले वर्ष एक पुराने वीडियो के वायरल होने के बाद सुर्खियों में आई थीं। वायरल क्लिप में उन्हें एक पुरुष के साथ गले मिलते हुए देखा गया था, जिसे सोशल मीडिया पर गलत अर्थों में प्रसारित किया गया। इस मामले को लेकर साध्वी ने बोरानाडा थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी और इसे एक साजिश करार दिया था।
मौत पर पिता का बड़ा खुलासा
साध्वी प्रेम बाईसा की जोधपुर में मौत पर पिता ब्रह्म नाथ ने बड़ा खुलासा किया है. पिता ने बताया कि प्रेम बाईसा को पिछले कुछ दिनों से खांसी-जुकाम था. इसलिए आश्रम में ही एक कंपाउंडर को इलाज के लिए बुलाया गया था. कंपाउंडर ने प्रेम बाईसा को चेकअप करने के बाद इंजेक्शन लगाया था. इंजेक्शन लगाने के सिर्फ 5 मिनट बाद प्रेम बाईसा की तबीयत और बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया. पिता ने यह यह भी बताया कि आखिर, प्रेम बाईसा की मौत के बाद उनके मोबाइल फोन से मैसेज कैसे किया गया?
राजस्थान के जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा के निधन से जुड़े मामले में पुलिस प्रशासन ने जांच तेज कर दी है. पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के निर्देशन में मामले की गहन जांच की जा रही है. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए साध्वी को इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर को हिरासत में ले लिया है. पुलिस कंपाउंडर से पूछताछ कर रही है और कुछ अहम सबूत हाथ लगने की बात भी सामने आ रही है. पुलिस ने पूछताछ के बाद इंजेक्शन के खोल सहित संबंधित मेडिकल सामग्री को कब्जे में लिया गया है. इसके अलावा पुलिस ने आश्रम को सील कर दिया गया है, ताकि सबूतों के साथ छेड़छाड़ न की जा सके.
महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में एसीपी छवि शर्मा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल देखने को मिला, जहां साध्वी प्रेम बाईसा का मोस्टमार्टम किया गया. मोर्चरी में मीडिया से बातचीत करते हुए साध्वी के पिता ब्रह्म नाथ ने कई अहम तथ्य सामने रखे. उन्होंने बताया कि खांसी-जुकाम की शिकायत के चलते आश्रम में कंपाउंडर को बुलाया गया था. इंजेक्शन लगाए जाने के महज पांच मिनट बाद ही साध्वी प्रेम बाईसा ने दम तोड़ दिया.














