रायपुर- कभी देश के सबसे दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में गिने जाने वाला अबूझमाड़ आज शांति, विश्वास और विकास की नई राह पर अग्रसर है। दशकों तक माओवादी हिंसा और भय के साये में रहे इस क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का सशक्त प्रतीक बनकर अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 सामने आई है।
नारायणपुर से बासिंग तक आयोजित 21 किलोमीटर की यह हाफ मैराथन केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि शांति, एकता और सौहार्द का संदेश देने वाला अभियान है। इस आयोजन के माध्यम से उन क्षेत्रों तक सकारात्मक संदेश पहुंच रहा है, जो लंबे समय तक विकास और सरकारी योजनाओं से वंचित रहे। अबूझमाड़िया जनजाति सहित स्थानीय समुदाय की भागीदारी इस आयोजन को विशेष रूप से प्रभावी बना रही है।
31 जनवरी की सुबह माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ स्वयं अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन में शामिल होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत जुंबा गतिविधि से होगी, जिसके पश्चात प्रातः 6.30 बजे मुख्यमंत्री द्वारा मैराथन को फ्लैग-ऑफ किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री रामकृष्ण आश्रम पहुंचकर आश्रम के बच्चों के साथ नाश्ता करेंगे। मुख्यमंत्री की उपस्थिति से यह संदेश और सशक्त होगा कि राज्य सरकार अबूझमाड़ के सर्वांगीण विकास और शांति स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है।
अबूझमाड़ पीस मैराथन 2026 को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सहभागिता मिली है। इस आयोजन में 6500 से अधिक धावकों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय धावक, अन्य राज्यों से 500 से अधिक, छत्तीसगढ़ राज्य से लगभग 6000, तथा नारायणपुर जिले से 4000 से अधिक धावक शामिल हैं। इसके साथ ही क्वाड रन में 12 धावकों ने भी भागीदारी की है।
यह मैराथन न केवल युवाओं को खेल और फिटनेस से जोड़ रही है, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति व विकास के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बन रही है।
मुख्यमंत्री 30 जनवरी को दोपहर 1.00 बजे हेलीकॉप्टर से नारायणपुर जिले के तेलासी हेलीपैड पहुचेंगे। इसके पश्चात वे गढ़बेंगाल घोटूल पहुंचकर पद्मश्री सम्मान से विभूषित श्री हेमचंद मांझी, पद्मश्री श्री पंडीराम मंडावी, श्री बुटलुराम माटरा सहित समाज प्रमुखों से भेंट करेंगे।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय, राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में आम नागरिकों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री बस सेवा से यात्रा करते हुए ग्राम कुरूषनार पहुंचेंगे। वहां वे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पी.डी.एस.) दुकान का अवलोकन, कुरूषनार स्कूल में विद्यार्थियों से भेंट तथा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को राशि वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे।
कुरूषनार से मुख्यमंत्री शांत सरोवर (बिजली) के लिए रवाना होंगे, जहां बोटिंग/कायाकिंग का शुभारंभ तथा बाइकर्स इवेंट में शामिल करेंगे।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री हाईस्कूल नारायणपुर कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे, जहां विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री
जिला स्तरीय बस्तर पंडुम कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर
विभिन्न परियोजनाओं के अनुबंध एवं
हितग्राहियों को सामग्री वितरण किया जाएगा।
यहाँ मलखंभ प्रदर्शन एवं
ड्रोन शो का भी आयोजन होगा।
मुख्यमंत्री श्री शाम को आईटीबीपी बटालियन, जेलबाड़ी गंराजी पहुंचकर जवानों से भेंट करेंगे एवं उनके साथ रात्रि भोज में शामिल होंगे। इसके पश्चात विश्रामगृह में जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय 31 जनवरी को प्रातः 6.00 बजे अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन के अंतर्गत जुंबा कार्यक्रम में शामिल होंगे तथा 6.30 बजे हाफ मैराथन का फ्लैग-ऑफ करेंगे।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री रामकृष्ण आश्रम, नारायणपुर पहुंचकर बच्चों के साथ नाश्ता करेंगें। वे हाईस्कूल ग्राउंड हेलीपेड पहुंचकर रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का यह दौरा नारायणपुर जिले के समग्र विकास, सामाजिक संवाद, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं दूरस्थ अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।














