पटना/दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 के जरिए बिहार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई घोषणाएं की हैं। इस बजट की सबसे खास बात पटना में बनने वाला अत्याधुनिक ‘शिप रिपेयर इकोसिस्टम’ है, जो गंगा नदी के जरिए होने वाले कारोबार को नई ऊंचाई देगा। इसके अलावा, बिहार से होकर गुजरने वाला हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) राज्य के बिजनेस मॉड्यूल को पूरी तरह बदल देगा। ये पहल न केवल माल ढुलाई को सस्ता बनाएंगी, बल्कि बिहार को पूर्वी भारत के एक प्रमुख औद्योगिक और ट्रांसपोर्ट हब के रूप में मजबूती से स्थापित करने में मदद करेगी।
पटना में बनेगा शिप रिपेयर सेंटर
पटना अब केवल प्रशासनिक केंद्र नहीं, बल्कि अंतर्देशीय जलमार्गों का तकनीकी केंद्र भी बनेगा। यहां शिप रिपेयर सेंटर खुलने से जहाजों की मरम्मत स्थानीय स्तर पर होगी। जिससे लॉजिस्टिक्स खर्च कम होगा। इसके साथ ही जलमार्ग क्षेत्र में युवाओं को तकनीकी ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे शिपिंग इंजीनियरिंग में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से होगा फायदा
बजट में घोषित वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बिहार के परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाएगा। वहीं, डंकुनी से सूरत तक का नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर माल ढुलाई को तेज और पर्यावरण के अनुकूल बनाएगा। ये नेटवर्क बिहार के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में मदद करेगा।
बिहार में एक्सप्रेस-वे के नए प्रोजेक्ट्स
बिहार के सीमाई इलाकों के लिए अच्छी खबर है कि पूर्वी चंपारण में नेपाल सीमा से गुजरने वाले नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण शुरू होगा। राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबित परियोजनाओं को गति देने के साथ-साथ ये एक्सप्रेस-वे राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आर्थिक दूरियों को पाटने का काम करेंगे।














