इंफाल: मणिपुर में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। बीजेपी और सहयोगी पार्टियों के 20 से ज्यादा विधायक रविवार को दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इसके बाद अब मणिपुर में लोकप्रिय सरकार बनने की संभावना को लेकर नई अटकलें शुरू हो गई हैं।
मणिपुर बीजेपी अध्यक्ष भी दिल्ली के लिए रवाना
बीजेपी, नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) और नागा पीपल्स फ्रंट (एनपीएफ) के नेता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मिले एक अर्जेंट कॉल के बाद इंफाल एयरपोर्ट से रवाना हो गए। इन नेताओं में मणिपुर बीजेपी अध्यक्ष अधिकारिमायुम शारदा देवी भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, 2 फरवरी को दिल्ली में एक मीटिंग होने की संभावना है।
12 फरवरी को खत्म होगा राष्ट्रपति शासन
दिल्ली जाने से पहले मणिपुर बीजेपी अध्यक्ष अधिकारिमायुम शारदा देवी ने कहा कि एनडीए के सभी विधायकों को बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है और विश्वास है कि एक लोकप्रिय सरकार बनेगी। मणिपुर के नेताओं का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब मणिपुर में राष्ट्रपति शासन का मौजूदा दौर 12 फरवरी को खत्म होने वाला है। पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भी किसी अच्छे नतीजे की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि एनडीए पार्टनर के सभी विधायकों को मीटिंग के लिए बुलाया जा रहा है, इसलिए मुझे एक अच्छे नतीजे की उम्मीद है। इससे पहले भी सभी बीजेपी विधायकों की एक मीटिंग हुई थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन का कार्यकाल 12 फरवरी को खत्म होने वाला है।
‘मैंने मणिपुर में हालात बदलने की पूरी कोशिश की’
पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से जब पूछा गया कि अगर वह पद पर रहते तो क्या हालात अलग होते, तो उन्होंने कहा कि सरकार एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि मैंने मणिपुर में हालात बदलने की पूरी कोशिश की। उन्होंने कहा कि पहाड़ों और घाटी दोनों जगह बहुत बदलाव हुए हैं। कई विधायकों ने बताया कि उन्हें प्रस्तावित मीटिंग के एजेंडे के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।
‘मीटिंग सोमवार शाम को होने की संभावना’
लामसांग के विधायक एस राजेन सिंह ने कहा कि इस बात की संभावना है कि सरकार बन सकती है। उन्होंने कहा कि नेता का चुनाव राज्य की स्थिति को देखने के बाद केंद्रीय नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि मीटिंग सोमवार शाम को होने की संभावना है। विधायक एच डिंगो ने कहा कि हमें बस आज ही दिल्ली पहुंचने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि मीटिंग सोमवार शाम को है, लेकिन एजेंडा घोषित नहीं किया गया है। खुराई के विधायक एल सुसिंद्रो ने कहा कि उन्हें मीटिंग के बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि बाकी बीजेपी और एनडीए विधायकों के भी दिल्ली जाने की उम्मीद है।
अब तक 260 से ज्यादा लोगों की मौत
मणिपुर में जातीय हिंसा के बाद फरवरी 2025 में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। राज्य विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है, जो अभी भी निष्क्रिय है। राज्य में मई 2023 में मेइतेइ और कुकी समूहों के बीच जातीय हिंसा शुरु हुई थी। इस हिंसा में अभी तक 260 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं।














