चेन्नै : तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों से हटने का ऐलान किया है। राज्य में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। उससे पहले अचानक चुनाव प्रचार और पार्टी संबंधित सारी जिम्मेदारियों से दूर हटने पर तमाम तरह की अटकलें शुरू हो गई हैं। हालांकि अन्नामलाई ने ब्रेक लेने के पीछे पारिवारिक कारणों का हवाला दिया है। यह घोषणा ऐसे महत्वपूर्ण समय में आई है जब एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने तमिलनाडु भर में अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना और चुनाव प्रचार की योजना बनाना शुरू कर दिया है।
एनएनए ढांचे के भीतर पार्टी के व्यापक समन्वय के तहत, भाजपा नेतृत्व ने अन्नामलाई को सिंगनल्लूर और विरुगंबक्कम सहित छह विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी थी। मंगलवार को कोयंबटूर में पत्रकारों से बात करते हुए अन्नामलाई ने अपने पिता के स्वास्थ्य को अपने इस फैसले का कारण बताया। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने पिता के साथ रहना चाहता हूं, जिनका कोयंबटूर में इलाज चल रहा है। मैंने प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन को अपने इस फैसले की जानकारी दे दी है।’
चुनाव लड़ने के फैसले पर क्या बोले अन्नामलाई?
अन्नामलाई को सिंगनल्लूर, मदुरै दक्षिण, विरुगंबक्कम, कराईकुडी, श्रीवैकुंदम और पद्मनाभपुरम विधानसभा सीटों का जिम्मा सौंपा गया था। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा हाई कमान का निर्देश होगा तो वे प्रचार करेंगे। उन्होंने कहा, ‘चुनाव प्रचार के अगले चरण में पार्टी मुझसे जो भी करने को कहेगी, मैं तैयार हूं। पार्टी, गठबंधन और एआईएडीएमके सहित सभी उम्मीदवारों के लिए पार्टी जो भी काम सौंपेगी, मैं करूंगा।’ जब उनसे पूछा गया कि क्या वे चुनाव लड़ेंगे, तो अन्नामलाई ने कहा कि पार्टी इस पर फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि अभी इसके लिए समय है। 30 से 40 दिन और बाकी हैं।
तमिलनाडु में फैली क्या अटकलें?
उनके इस ऐलान से यह अफवाह फैल गई कि वे पार्टी द्वारा बिना उनसे सलाह लिए काम सौंपे जाने से नाखुश हैं। जब एक पत्रकार ने पूछा कि अन्नामलाई चुनाव से क्यों कतरा रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि कभी-कभी उस पेंगुइन की तरह होना कोई गलती नहीं होती।
बीजेपी के कई नेता नाराज?
भाजपा सूत्रों के अनुसार, कुछ अन्य भाजपा नेताओं ने भी चुनाव ड्यूटी के आवंटन पर अपनी असंतोष व्यक्त किया है। पार्टी ने 72 नेताओं की सूची तैयार की है और प्रत्येक नेता को दो से छह निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किए हैं। इस सूची में पोन राधाकृष्णन, एल मुरुगन, तमिलिसाई सौंदराजन और वनथी श्रीनिवासन जैसे वरिष्ठ पार्टी नेता शामिल हैं। नेताओं का मानना है कि उन्हें आवंटित सीटें एक जगह केंद्रित नहीं हैं, बल्कि पूरे राज्य में फैली हुई हैं, जिससे व्यवस्था संबंधी चुनौतियां पैदा हो रही हैं, खासकर यदि वे स्वयं भी उम्मीदवार हैं।
एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि यह निर्णय राज्य के नेताओं से परामर्श किए बिना लिया गया है। हमने अपनी चिंताएं नैनार नागेंद्रन को बता दी हैं। हमें उम्मीद है कि प्रभारी नेताओं की संशोधित सूची जल्द ही जारी की जाएगी। नागेंद्रन ने कहा कि यह निर्णय पार्टी की कोर कमेटी द्वारा लिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्नामलाई को आवंटित छह निर्वाचन क्षेत्रों को अन्य नेताओं को पुनः आवंटित किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने पूरी सूची में संशोधन की खबरों का खंडन किया।














